300 साल बाद भी जिंदा हैं अहिल्याबाई के विचार, बालोद की गोष्ठी में दिखा असर
लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती पर बालोद में विचार संगोष्ठी, चेमन देशमुख और यशवंत जैन के विचारों ने बांधा समां बालोद।300 साल पहले जिसने समाज सुधार और सुशासन की इबारत लिखी, उस लोकमाता अहिल्याबाई होलकर को याद करने आज बालोद साक्षी बना एक प्रेरणादायी आयोजन का। कला केंद्र बालोद में राष्ट्रीय स्वाभिमान विचार मंच…




















