स्थानीय नागरिक उमेश कुमार सेन ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण के दौरान पुरानी नालियों को तो तोड़ दिया गया, लेकिन अब तक नई नालियों का निर्माण नहीं किया गया है। इसके चलते गंदा पानी सड़कों और घरों के आसपास जमा होने लगा है, जिससे क्षेत्र की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है।

विशेष रूप से वार्ड क्रमांक 19 के गली नंबर 1, बुढ़ापारा क्षेत्र में नाली व्यवस्था पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुकी है। गंदा पानी सही तरीके से बह नहीं पा रहा है और कई स्थानों पर जमा होकर सड़ रहा है। इसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर पड़ रहा है।
रहवासियों के अनुसार, घरों के सामने गंदा पानी भरा रहने के कारण दुर्गंध फैल रही है और मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है। शाम होते ही मच्छरों की संख्या इतनी बढ़ जाती है कि लोगों का घरों के बाहर बैठना या बच्चों का खेलना तक मुश्किल हो गया है। इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है।
इस समस्या का असर स्थानीय व्यापारियों पर भी दिखाई देने लगा है। राजनांदगांव रोड के किनारे स्थित कई दुकानों तक गंदे पानी की बदबू पहुंचने से ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है।

दुकानदारों का कहना है कि यदि जल्द ही नाली निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया तो उनके व्यापार पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि शहर को सुंदर बनाने के नाम पर किए जा रहे कार्यों से आम जनता की परेशानियां बढ़ रही हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते नाली निर्माण और पानी निकासी की उचित व्यवस्था नहीं की गई तो आगामी बारिश के मौसम में स्थिति और अधिक भयावह हो सकती है।

उल्लेखनीय है कि जय स्तंभ चौक से मधु चौक के आगे तक सड़क किनारे नाली निर्माण का कार्य अधूरा पड़ा हुआ है, जिसके कारण यह समस्या लगातार बनी हुई है। लगभग एक माह पूर्व स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया था। उस समय अधिकारियों ने शीघ्र ही नाली निर्माण कार्य पूर्ण कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है।
समय बीतने के साथ क्षेत्रवासियों में नाराजगी और चिंता दोनों बढ़ती जा रही हैं। नागरिकों का मानना है कि जब तक पूरे मार्ग पर नाली निर्माण कार्य पूरा नहीं होगा, तब तक गंदे पानी, बदबू और मच्छरों की समस्या से उन्हें लगातार जूझना पड़ेगा।




















