
इस दौरान कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने स्वयं श्रमदान कर ग्रामीणों को जल संरक्षण के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जल हमारे जीवन का आधार है और भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए वर्षा जल को सहेजना बेहद जरूरी है। ट्रेंच निर्माण जैसे प्रयास भू-जल स्तर बढ़ाने की दिशा में प्रभावी साबित होंगे और इन्हें हर ग्राम पंचायत में प्राथमिकता से अपनाने की जरूरत है।

27 लाख लीटर जल संरक्षण की उम्मीद
भाठागांव (आर) के पास बहने वाले नाले के समानांतर 5 हजार ट्रेंच बनाए जा रहे हैं, जिनसे भविष्य में करीब 27 लाख लीटर वर्षा जल का संचयन संभव होगा। वहीं पूरे गुण्डरदेही विकासखंड में 20 हजार ट्रेंच निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिससे लगभग 1 करोड़ 35 लाख लीटर जल संरक्षण की संभावना जताई गई है।
जनप्रतिनिधियों और महिलाओं से जनभागीदारी की अपील
कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी सहित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी श्रमदान किया। कलेक्टर ने सरपंचों, सचिवों, रोजगार सहायकों और बिहान समूह की महिलाओं से अपील की कि वे जल संरक्षण को जन आंदोलन का रूप दें, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधन सुरक्षित रह सकें।

सेमी-क्रिटिकल जोन में राहत की उम्मीद
गुण्डरदेही विकासखंड वर्तमान में भू-जल स्तर के लिहाज से सेमी-क्रिटिकल जोन में शामिल है। ऐसे में नीर चेतना अभियान के तहत अपनाई जा रही ट्रेंच तकनीक से वर्षा जल सीधे जमीन में समाएगा, जिससे भू-जल स्तर बढ़ने के साथ-साथ मृदा संरक्षण और क्षेत्र की हरियाली में भी सुधार देखने को मिलेगा।




















