बालोद। जिले में एक सनसनीखेज वारदात का खुलासा हुआ है, जहां एक इंजीनियर पति ने अपनी पत्नी की सुनियोजित तरीके से हत्या कर दी। राजहरा पुलिस ने आरोपी पति और उसके एक साथी को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभ में यह मामला सड़क दुर्घटना का प्रतीत हो रहा था, लेकिन मृतका के परिजनों की आशंका और बच्चों के बयानों के आधार पर गहन जांच से हत्या की पुष्टि हुई।
घटना 22 मार्च की शाम लगभग 4 बजे की है, जब ग्राम शेरपार के पास दो महिला शिक्षिकाएं—बरखा वासनिक और मथुरा मंडावी—स्कूटी से लौट रही थीं। इसी दौरान एक बोलेरो वाहन ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में बरखा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मथुरा मंडावी गंभीर रूप से घायल हुईं।
प्रारंभ में राजहरा पुलिस ने इसे एक सामान्य सड़क दुर्घटना मानकर कार्रवाई शुरू की थी। लेकिन शेरपार स्कूल में पढ़ने वाले कुछ बच्चों ने परिजनों को बताया कि घटना के दिन कुछ अज्ञात लोग स्कूल के पास गाड़ी से आए थे और “मैडम” के बारे में पूछताछ कर रहे थे। इस सूचना के आधार पर परिजनों ने हत्या की आशंका जताई और पुलिस से मामले की पुनः जांच की मांग की।
दुर्ग से आ रही थीं स्कूटी से स्कूल
बरखा वासनिक दुर्ग स्थित अपने मायके से बस में राजहरा आती थीं और मानपुर चौक से स्कूटी द्वारा सहकर्मी शिक्षिका मथुरा मंडावी के साथ विद्यालय जाती थीं। इस बात की जानकारी उनके पति शीशपाल वासनिक को थी।
साजिश: मोबाइल ऑफिस में छोड़कर निकला था आरोपी
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि घटना के दिन बरखा का पति शीशपाल जानबूझकर अपना मोबाइल फोन अपने ऑफिस में छोड़ गया था, ताकि उसकी लोकेशन वहां ही दिखाई दे। शीशपाल, जो भिलाई विद्युत विभाग में सब-इंजीनियर है, अपने साथी कयामुद्दीन के साथ बोलेरो गाड़ी में शेरपार पहुंचा और वहां पहले से स्कूल से लौट रही बरखा और मथुरा की स्कूटी को टक्कर मारी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के बाद जब दोनों महिलाएं घायल अवस्था में पड़ी थीं, तभी नशे में धुत शीशपाल ने मौके पर ही लोहे की रॉड से पत्नी बरखा पर तीन से चार बार वार किए और फिर वहां से फरार हो गया।
मोबाइल ट्रैकिंग से खुला राज
जांच के दौरान पुलिस ने शीशपाल का मोबाइल नंबर ट्रैक किया, जो घटना के समय कार्यालय में लोकेट हो रहा था। वहीं, घटनास्थल के आसपास कुछ अन्य मोबाइल नंबर ट्रेस किए गए, जिनमें एक नंबर भिलाई सुपेला निवासी कयामुद्दीन का था। पुलिस ने जब कयामुद्दीन को हिरासत में लिया, तो उसने पूछताछ में पूरी सच्चाई उगल दी। उसने स्वीकार किया कि वह अपने मित्र शीशपाल के साथ इस हत्या में शामिल था।
पारिवारिक कलह था कारण
बरखा वासनिक और शीशपाल वासनिक का विवाह 2016 में हुआ था। शीशपाल की शराब की लत और आए दिन के झगड़ों के चलते दोनों के बीच तनाव इतना बढ़ गया था कि तलाक का मामला न्यायालय में विचाराधीन था। बरखा अक्सर अपने मायके दुर्ग चली जाया करती थीं।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और हत्या के आरोप में न्यायिक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।




















