क्रोध प्रेम का नाश करता है, प्रेम होगा तो कानून की जरूरत नहीं पड़ेगी: अक्षय मुनि
बालोद। समता भवन में आयोजित प्रवचन सभा में जैन मुनि अक्षय मुनि ने कहा कि क्रोध प्रेम का सबसे बड़ा शत्रु है। उन्होंने कहा कि यदि समाज में प्रेम और संवेदना बनी रहे तो कानून बनाने की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी, लेकिन आज हर दिन नए कानून बन रहे हैं क्योंकि मनुष्य के भीतर प्रेम…













