प्रदेश रूचि

न नवरात्रि न दशहरा फिर भी इस गांव में हुआ रावण का वध…और पूरा गांव जय जय श्रीराम के जयकारों से गुंजायमान हो उठा..आखिर ऐसा क्या हुआ इस गांव में…पढ़े पूरी खबर

बालोद-उत्तरप्रदेश के काशी मिर्जापुर की राम लीला मंडली का सात दिवसीय राम लीला का रविवार की रात को ग्राम मेढ़की में भगवान राम के राज्याभिषेक के बाद रामलीला का समापन हो गया। यहां 7 दिवसीय रामलीला का आयोजन हुआ। राज्याभिषेक लीला के साथ हुआ। रामलीला के अंतिम दिन ग्रामीणों ने राम दरबार के छवि चित्र…

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*भाजपा जिला कार्यालय में उल्टा तिरंगा फहराने के मामले में जिलाध्यक्ष का बयान पिन के कारण उल्टा दिख रहा तिरंगा लेकिन दुसरीं तस्वीर में तिरंगा कैसे हुआ सीधा…पढ़े प्रदेशरूचि पर*

बालोद- बालोद जिले के भाजपा जिला कार्यालय में उल्टा तिरंगा फहराने वाले मामले में फिर एक तस्वीर सामने आई है पूरे मामले में जहां उल्टा तिरंगा फहराने के मामले में बालोद भाजपा जिलाध्यक्ष के नजरो के सामने हुए तिरंगे के अपमान के चलते आज पूरे भाजपा पर इस मामले में उंगली उठ रही है वही…

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*अंचल में अंडी पेड़ के पूजन के बाद आज से होलिका दहन के लिए करेंगे लकड़ी एकत्र…अंडी पेड़ पूजन का क्या है महत्व*

बालोद-गुरुवार को माघ महीने की शुक्ल पंचमी को बसंत पंचमी के रूप में जिले में बड़े धूमधाम से मनाया गया। बसत पंचमी के अवसर पर जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण अंचलों में होलिका दहन के लिए अंडे का पेड़ गाड़कर और पूजा अर्चना कर परंपरा निभाए गई,इसके साथ ही होलिका के लिए लकड़ियां एकत्रित करने का…

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*गणतंत्र दिवस पर बच्चो ने संविधान की चिट्ठी राहगीरों को दिए… सविधान को पढ़ने और समझने के लिए चलाया जागरुकता अभियान*

बालोद जिले के कुसुमकासा चौक मैं वीरांगना कोया लया टीम के नेतृत्व में ग्राम करियाटोला और गुजरा के बच्चो द्वारा राहगीरों को सविधान की चिट्ठी देकर लोगों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी चिट्टी के माध्यम से बताया की 26 जनवरी 1950 से हमारे देश में सविधान को लागू किया गया जिसमें भारत एक गणतंत्र…

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*बालोद जिला मुख्यालय स्थित आखिर ऐसा क्या हुआ लोग अचानक रुके और जय जय श्रीराम कहते नजर.. देखे ये खबर*

  बालोद। बालोद जिले जीवनदायिनी के रूप में माने जाने वाली तांदुला नदी के तट पर सोमवार को उस समय लोगो का हुजूम लग गया जब नदी में एक नाव पर भगवान राम, लक्ष्मण और मां सीता की के स्वरूप में बैठे थे और इन तीनो को एक नाविक अपने नाव को खोते नदी किनारे…

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गुरु घासीदास जयंती पर सीएम ने इस मंच से अनुसूचित जाति के आरक्षण को लेकर दिया ये बयान…मुख्यमंत्री ने भारत सरकार से 2021 की जनगणना शीघ्र कराने की मांग की*

  रायपुर. . मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ बाबा गुरूघासीदास के बताए सत्य, अहिंसा, भाईचारा, बंधुत्व, समानता और सद्भाव के मार्ग पर चलकर तीव्र गति से विकास कर रहा है। उन्होंने आज मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के ग्राम लालपुर धाम में बाबा गुरूघासीदास जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए…

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*आदिवासी समाज का सबसे बड़ा सम्मेलन वीर मेला का हुआ शुभारंभ,3 दिनों में लाखो लोग होंगे इस मेला में शामिल,पहले दिन ये हस्तियाँ हुए शामिल*

  बालोद..सर्व आदिवासी समाज द्वारा शहीद वीर नारायण सिंह को याद करते हुए वीर मेले का आयोजन बालोद कांकेर व धमतरी सीमा के राजाराव पठार में  किया गया…. जिसमें बालोद जिले के अलावा अन्य जिलों से आदिवासी समाज के लोग शामिल हुए ….मेले में आदिवासी परंपरा अनुरूप देवी- देवताओ का पूजन किया गया और डांग…

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*बालोद जिले का एक स्कूल.. जहां पर शिक्षकों और विद्यार्थियों ने विधिविधान तथा लोक गीतों में थिरकते हुए मनाये छोटी दिवाली के इस पर्व को…देखे वीडियो*

     देखे वीडियो   बालोद-देवउठनी का पर्व पूरे देशभर में लोगो ने धूमधाम से मनाया इस पर्व को लोग अपने अपने घरों पर पारंपरिक तरीके से अपने परिवार के साथ मनाये लेकिन इस त्योहार को बालोद जिले के एक स्कूल में वहां के शिक्षको और छात्राओ ने विधि विधान के साथ मनाये जी हां…

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विदेसी मेहमानों ने नम आंखों से लिये विदाई,तो इस देश के कलाकारों ने सुरीले अंदाज़ में कभी अलविदा ना कहते हुए ली छत्तीसगढ़ से विदा*

*चलते चलते.. मेरे ये गीत याद रखना ..कभी अलविदा ना कहना..कभी अलविदा ना कहना* *मुख्यमंत्री का निमंत्रण के लिए जताया आभार, खूब भायी छत्तसीगढ़ की मेहमान-नवाज़ी* रायपुर –  राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में देश विदेश से आए मेहमानों के लौटने के क्रम जारी है। आज मालदीव के कलाकारों ने छत्तीसगढ़ की धरती से सुरीले अंदाज़…

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*हमारे सुआ नृत्य की तरह ही उत्तरप्रदेश में होता है झींझी नृत्य, सिर पर कलश लेकर महिलाएं करती हैं नृत्य, धान का चढ़ावा लेती हैं और झींझी देवी को करती हैं अर्पित….उत्तरप्रदेश के इस नृत्य ने बांधा समा*

  *थारू जनजाति की महिलाएं करती हैं, सुंदर वेशभूषा और खास जनजातीय उपकरणों के साथ आकर्षक नृत्य से जनसमूह झूमा* रायपुर, दीपावली के शुभ अवसर पर छत्तीसगढ़ में महिलाएं घर-घर जाकर सुआ नृत्य करती हैं उसी प्रकार उत्तर प्रदेश में थारू जनजाति भी झींझी देवी की आराधना में ऐसा नृत्य क्वांर और भादो के महीने…

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