बालोद- महाशिवरात्रि पर शनिवार को जिले भर के शिव मंदिरों में शिव भक्तों ने भगवान शिव की विशेष आराधना में लगे रहे। शिवालयों को आकर्षक पंडालों को विद्युत लाइटों से सजाया गया। जहां शिव मंदिरों में लोगों ने शिव का गंगाजल, जल, दूध से अभिषेक किया गया।जिले के सबसे बड़ा धार्मिक स्थल जलेश्वर महादेव में सुबह से भक्तों का तांता लगा रहा। जिला मुख्यालय के पुराना बस स्टैंड में स्थित शिव मंदिर में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया।जिसमें बड़ी सख्या श्रद्धालु पहुचकर प्रसाद ग्रहण किया। श्रद्धालू अपने परिवार सहित पहुचकर विशाल शिव लीग का पूजा अर्चना कर अपने परिवार की सुख समृद्धि की कामना किया गया।बालोद जिले के सबसे बड़े धार्मिक स्थल गजपारा के दसोदी तलाब स्थित जलेश्वर महादेव में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर शनिवार की सुबह से विशाल शिव लीग का विशेष पूजा अर्चना किया गया ।दसोदी तलाब के चारो ओर भगवा तोरण पताके से सजाया गया हैं।इसके साथ विशाल शिव का रंगरोगन कर गेंदे की फूल से आकर्षक रूप से सजाया गया।इस अवसर मां जी फाउंडेशन द्वारा महाशिवरात्रि पर आने वाले भक्तों के लिए प्रसाद का वितरण किया गया,दसोदी तलाब में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही।
जलेश्वर महादेव को 51 लीटर दूध से किया अभिषेक
जिले के सबसे बड़े धार्मिक स्थल दशोदी तालाब स्थित विशाल जलेश्वर महादेव में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर जलेश्वर महादेव के प्रमुख यज्ञदत्त शर्मा व उनकी धर्मपत्नी श्रीमती रजना शर्मा द्वारा 51 लीटर दूध से अभिषेक किया गया,इसके साथ ही दूध शहद व मिश्री से जलाभिषेक किया गया।दशोदी तालाब स्थित जलेश्वर महादेव में महाशिवरात्रि के अवसर पर भक्तो की भारी भीड़ रही,वही मंदिर समिति द्वारा सभी भक्तों को प्रसाद का वितरण किया गया, वही लोग कतार बध्द खड़े होकर प्रसाद लेकर आगे बढ़ रहे थे।
1008 दीपों से जगमगा उठा कपिलेश्वर मंदिर
कपिलेश्वर मंदिर, बावड़ी के चारों ओर खड़े होकर भक्तों ने लगाए हर-हर महादेव के जयकारे।
महाशिवरात्रि पर्व पर शनिवार शाम 7 बजे शहर के नयापारा स्थित कपिलेश्वर मंदिर में महाआरती हुई। इस दौरान मंदिर परिसर 1008 दीपों से जगमगाया। यहां पहुंचने वाले हर भक्त दीप लेकर पहुंचे थे। जो आकर्षण का केंद्र रहा। बावली के चारों ओर खड़े होकर भक्तों ने हर-हर महादेव के जयकारे लगाए। देर शाम तक धार्मिक आयोजन व प्रसाद वितरण हुआ।
शिव की आराधना में लीन रहे भक्त
महाशिवरात्रि को देखते हुए सुबह से ही शिव मंदिरों में शिव भक्तों की भारी भीड़ लगी रही। जलेश्वर महादेव व कपिलेश्वर महादेव मंदिर में भीड़ रही।महाशिवरात्रि पर शिव भक्तों ने ब्रम्हमुहूर्त में उठकर व स्नान कर शिव जी की आराधना में लग गए थे। जिले भर के शिव मंदिरों में भगवान शिव की विशेष पूजा किया गया। सुबह से शाम तक नम: शिवाय का ही जाप चलता रहा। जगह-जगह भंडारा प्रसाद का वितरण भी किया गया
कांवडिय़ों ने राम घाट से लाए जल से किया अभिषेक
महाशिवरात्रि पर कपिलेश्वर में शिव की विशेष पूजा किया गया। सुबह 10 बजे ही सैकड़ो की संख्या में बच्चे, युवा, बूढ़े भी अपने कंधों में कांवड़ लेकर कपिलेश्वर महादेव मंदिर से सीधे 3 किमी दूर तांदुला नदी तट पर रामघाट पहुंचे, जहां शिव भक्तों ने डुबकी लगाई और कांवड़ से जल लेकर भगवान जलेश्वर महादेव का अभिषेक कर सीधे गंगा सागर तालाब, शीतला माता मंदिर, शिव मंदिर होते हुए कपिलेश्वर पहुंचे। जहां प्राचीन शिव मंदिर में स्थापित प्राचीन शिव में जल अर्पण कर जलाभिषेक किया।
शिव मंदिरों में रही श्रद्धालुओं की भारी भीड
महाशिवरात्रि और हर शिवालय शिव मंदिर में भगवान शिव की विशेष पूजा की गई। जिले के प्रसिद्ध कपिलेश्वर, जलेश्वर व हनुमान मंदिर, बूढ़ादेव (भोथली), कमरौद हनुमान मंदिर, चौरेल शिव मंदिर, बोड़की स्थित शिव हनुमान मंदिर में भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा की गई।