लोकसभा में ‘संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026’ के गिरने के बाद देश की राजनीति गरमा गई है। बीजेपी इसे विपक्ष की महिला विरोधी मानसिकता बता रही है, जबकि कांग्रेस इसे केंद्र सरकार का राजनीतिक एजेंडा करार दे रही है। इसी मुद्दे पर बालोद में भी सियासी संग्राम खुलकर सामने आया।

कांग्रेस ने कहा- महिला आरक्षण के समर्थन में थे, हैं और रहेंगे
कांग्रेस की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में सिहावा विधायक अंबिका मरकाम ने कहा कि कांग्रेस हमेशा महिला आरक्षण के पक्ष में रही है और आगे भी रहेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक झूठ बोल रहे हैं और भाजपा जनता को भ्रमित कर रही है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में नारी शक्ति वंदन अधिनियम संसद के दोनों सदनों से पारित होकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी भी पा चुका है, फिर सरकार उसे लागू क्यों नहीं कर रही है।
अंबिका मरकाम ने कहा कि 2026 में लाया गया 131वां संशोधन विधेयक महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन और केंद्रशासित प्रदेशों से जुड़ा राजनीतिक बिल था, जिसे विपक्ष ने बेनकाब कर दिया।

अनिला भेंडिया ने उठाए जनगणना और परिसीमन पर सवाल
डौंडीलोहारा विधायक एवं पूर्व मंत्री अनिला भेंडिया ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब जनगणना प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जातिगत जनगणना की बात भी स्वीकार की जा चुकी है, तो नए आंकड़ों के आधार पर परिसीमन कर महिला आरक्षण लागू क्यों नहीं किया जा रहा।
उन्होंने कहा कि भाजपा की मंशा महिला सशक्तिकरण नहीं, बल्कि अपने फायदे के हिसाब से सीटों का परिसीमन करना था, जो विपक्ष की एकजुटता से विफल हो गया।कांग्रेस प्रेस वार्ता में जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी, रामजी भाई पटेल, भोजराज साहू, सतीश यादव, मोंटू चंद्राकर, अंचल प्रकाश साहू, नरेंद्र सिन्हा, पद्मिनी साहू सहित कई नेता मौजूद रहे

बीजेपी का पलटवार– विपक्ष ने रोका महिलाओं का हक
भारतीय जनता पार्टी की ओर से आयोजित प्रेस वार्ता में मानपुर मोहला जिले के जिला पंचायत अध्यक्ष नम्रता सिंह ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को नीति निर्माण में बराबरी का अधिकार देने वाला ऐतिहासिक कदम था, लेकिन विपक्ष ने राजनीतिक स्वार्थ के कारण इसे पूरा नहीं होने दिया। भाजपा ने आरोप लगाया कि वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद कांग्रेस ने महिला आरक्षण को केवल चुनावी मुद्दा बनाए रखा।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम – ऐतिहासिक सुधार जो विपक्ष के राजनीतिक स्वार्थ के कारण पूरा न हुआ.
भाजपा नेत्री नम्रता सिंह ने दावा किया कि महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और प्रतिनिधित्व देने के लिए केंद्र सरकार लगातार काम कर रही है, लेकिन विपक्ष हर बड़े फैसले में अड़ंगा डालता रहा है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम – ऐतिहासिक सुधार जो विपक्ष के राजनीतिक स्वार्थ के कारण पूरा न हुआ. वहीं भाजपा प्रेस कॉन्फ्रेंस में नम्रता सिंह, राकेश छोटू यादव, जितेंद्र साहू, कमल पनपालिया और मोना टुवाणी सहित पदाधिकारी शामिल रहे।
चुनावी साल से पहले गर्माई राजनीति
बालोद में एक ही दिन दोनों दलों की प्रेस कॉन्फ्रेंस ने साफ कर दिया है कि महिला आरक्षण का मुद्दा अब सिर्फ संसद तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में यह मुद्दा गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचेगा। भाजपा इसे महिला सम्मान से जोड़ रही है, तो कांग्रेस इसे राजनीतिक छलावा बता रही है।
अब देखना होगा कि जनता किसके तर्कों पर भरोसा करती है और महिला आरक्षण का यह मुद्दा आगामी चुनावों में कितना असर डालता है।




















