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भूतों की लेके टोली…..बग्गी पर होकर सवार..भोलेनाथ की निकली थी बारात…इधर पूरा शहर इस दृश्य को देख हो रहे थे निहाल..पढ़े ये खास खबर

बालोद-भूतों की लेके टोली, शिवजी चले हैं बरात, बग्गी पर होकर सवार, सज रहे भोले बाबा, निराले दुल्हे में जब शुक्रवार को बालोद शहर में भोलेनाथ अपनी बरात लेकर निकले तो हर श्रद्धालु उत्साहित नजर आया। शिव की मोहक छवि देख कई निहाल तो कई श्रद्धालु भावुक हो गए। शिव बरात का यह खूबसूरत नजारा पुराना बस स्टैंड शिव मंदिर की ओर से निकाली गई। जिसमें डीजे साउंड,धुमाल ढोल-नगाड़ों पर सैकड़ो श्रद्धालु नाचते, गाते, झूमते नजर आए।

शिवजी के बारात ने बालोद शहर को कर दिया शिवमय

जिला मुख्यालय में महाशिवरात्रि के 1 दिन पहले ही शुक्रवार को शाम 5 बजे भगवान शिव की बारात बड़े ही धूमधाम से निकाली गई।इस दौरान भूत प्रेत, शिव पार्वती विवाह, अघोरी बाबा जैसे विभिन्न झांकियों ने शोभायात्रा को ऐतिहासिक बना दिया। बनारस की तर्ज पर बड़े ही हर्षोल्लास के साथ शिवजी की बारात निकाली गई, जिसमें बाजे-गाजे भूत-प्रेत और शिवजी के रूप में झांकियां देख लोग मंत्रमुग्ध हो गए. शिवजी के बारात ने बालोद शहर को शिवमय कर दिया।


पुराना बस स्टैंड स्थित शिव मंदिर से निकाली गई शिव की बरात

जिला मुख्यालय में दूसरी बार बनारस के तर्ज पर भगवान शिव की बरात निकाली गई, जो पुराना बस स्टैंड स्थित शिव मंदिर से शुरू हुई। बारात सदर मार्ग होते हुए शहर के बाबा रामदेव चौक, मोखला माझी मंदिर, इंदिरा चौक, जय स्तंभ चौक, धड़ी चौक होते हुए वापस शिव मंदिर पहुची। जहां शिवरात्रि के अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भक्ति का माहौल बन रहा है।शिवजी की बारात का रास्ते भर श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा और फूल-माला से स्वागत किया।

शिवरात्रि के दिन हुआ था शिव पार्वती का विवाह

शिवरात्रि के दिन हुआ था शिव पार्वती का विवाहपौराणिक कथाओं के अनुसार, शिव और शक्ति का महामिलन महाशिवरात्रि को ही हुआ था.इसी दिन देवाधिदेव शिव और शक्ति एक दूसरे से विवाह बंधन में बंधे थे.वैरागी शिव ने वैराग्य त्याग कर गृहस्थ आश्रम में प्रवेश किया था.इसी वजह से महाशिवरात्रि के अवसर पर शिव बारात निकाली जाती है.इस दिन शिवभक्त शिव पार्वती का विवाह भी संपन्न कराते हैं.धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिव और पार्वती का विवाह कराने से वैवाहिक जीवन की समस्याएं दूर होती हैं, दांपत्य जीवन खुशहाल होता है।

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