संघर्ष से सफलता तक: शिक्षक से प्राचार्य बने 1478 शिक्षक, संघ ने दी बधाई—लेक्चरर प्रमोशन जल्द करने की मांग तेज
रायपुर/बालोद – अविभाजित मध्यप्रदेश के दौर में शुरू हुई शिक्षाकर्मी व्यवस्था ने हजारों शिक्षित युवाओं को अल्प मानदेय पर काम करने को मजबूर किया था। नियमित भर्ती बंद होने से 1994 से 2018 तक शिक्षाकर्मियों का सफर लगातार संघर्ष, अनिश्चितता और दमनात्मक कार्रवाइयों से भरा रहा। छत्तीसगढ़ बनने के बाद यह संघर्ष और लंबा चला,…




















