प्रदेश रूचि

प्रदेशरुचि की खबर पर लगी मुहर: फर्जी ऋण पुस्तिका से 15 लाख में जमीन सौदे का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार

“यहां हर चेहरे के पीछे एक चेहरा है… कौन है असली, कौन है नकली?”

बालोद। बॉलीवुड के चर्चित गीत “यहां हर चेहरे के पीछे एक चेहरा है, कौन है असली कौन है नकली” की तर्ज पर बालोद जिले में सामने आए फर्जी ऋण पुस्तिका प्रकरण में आखिरकार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जिस मामले को प्रदेशरुचि ने प्रमुखता से प्रकाशित कर प्रशासन और पुलिस का ध्यान आकर्षित किया था, उसमें अब जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

पुलिस के अनुसार ग्राम लाटाबोड़ निवासी डमेंद्र कुमार गंजीर की करीब 1 एकड़ 60 डिसमिल कृषि भूमि को फर्जी दस्तावेजों के सहारे बेचने की साजिश रची गई थी। आरोपियों ने न केवल फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार की, बल्कि जमीन मालिक बनकर 15 लाख रुपये में सौदा भी कर लिया और 1.50 लाख रुपये बयाना राशि भी प्राप्त कर ली।

एक ही ऋण पुस्तिका नंबर, लेकिन खेल था पूरा फर्जी

इस पूरे मामले की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि आरोपियों ने ऋण पुस्तिका क्रमांक 4088086 का उपयोग किया। शिकायतकर्ता द्वारा सामने लाए गए दस्तावेजों में मूल और कथित फर्जी ऋण पुस्तिका के बीच कई विसंगतियां दिखाई दी थीं। खसरा नंबर, सील-मुहर और दस्तावेजी विवरणों में अंतर ने फर्जीवाड़े की आशंका को जन्म दिया था।

प्रदेशरुचि ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित करते हुए सवाल उठाया था कि आखिर “एक नंबर की दो ऋण पुस्तिकाएं” कैसे अस्तित्व में आ गईं और इनके आधार पर जमीन का सौदा कैसे किया जा रहा है।

खुद को जमीन मालिक बताकर किया 15 लाख का सौदा

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी हरिशंकर गजभिये और नरेन्द्र बहादुर सोनी ने मिलकर डमेंद्र कुमार गंजीर की जमीन को बेचने की योजना बनाई। आरोप है कि हरिशंकर गजभिये ने स्वयं को जमीन मालिक डमेंद्र कुमार गंजीर बताकर ग्राम देवारभाट निवासी विनोद कुमार वर्मा और उनकी पत्नी कमला वर्मा से संपर्क किया।

दोनों आरोपियों ने जमीन का सौदा 15 लाख रुपये में तय किया और कमला वर्मा से 1 लाख 50 हजार रुपये बयाना राशि प्राप्त कर इकरारनामा तैयार कर दिया। साथ ही कथित फर्जी ऋण पुस्तिका भी सौंप दी गई।

सच्चाई सामने आते ही खुल गया खेल

जब खरीदार पक्ष को दस्तावेजों की वास्तविकता पर संदेह हुआ और फर्जी ऋण पुस्तिका की जानकारी मिली, तब उन्होंने अपनी बयाना राशि वापस मांगी। पुलिस के अनुसार आरोपी नरेन्द्र बहादुर सोनी ने राशि लौटाने के लिए अपने बैंक खाते के दो चेक भी दिए थे।

जांच के दौरान आरोपी नरेन्द्र बहादुर सोनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जहां उसने हरिशंकर गजभिये के साथ मिलकर फर्जी ऋण पुस्तिका तैयार करने और जमीन का सौदा करने की बात स्वीकार की।

एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरार

बालोद पुलिस ने आरोपी नरेन्द्र बहादुर सोनी (40 वर्ष), निवासी खैरतराई को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। उसके कब्जे से घटना में उपयोग किया गया वीवो कंपनी का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है।

वहीं इस पूरे प्रकरण का मुख्य आरोपी बताए जा रहे हरिशंकर गजभिये निवासी परसोदा अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

प्रदेशरुचि की खबर के बाद कार्रवाई

यह मामला तब चर्चा में आया जब शिकायतकर्ता ने फर्जी ऋण पुस्तिका, अलग खसरा नंबर और जमीन सौदे की जानकारी प्रशासन को दी। प्रदेशरुचि ने इस पूरे घटनाक्रम को प्रमुखता से प्रकाशित करते हुए सवाल उठाया था कि क्या किसानों की जमीनें अब फर्जी दस्तावेजों के सहारे बेची जाएंगी?

अब पुलिस कार्रवाई के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि मामला केवल संदेह नहीं बल्कि कथित तौर पर सुनियोजित फर्जीवाड़े का था।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!