रायपुर।शालेय शिक्षक संघ ने शनिवार को सुबह स्कूल लगाने की मांग करते हुए कहा है कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों का शारीरिक, मानसिक, नैतिक और व्यवहारिक विकास भी उतना ही आवश्यक है। योग, व्यायाम और प्राणायाम जैसी गतिविधियां बच्चों को निरोग और संतुलित जीवन की ओर ले जाती हैं, और इनका संचालन केवल सुबह के समय ही संभव है।
संघ के जिलाध्यक्ष जितेंद्र शर्मा ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को ज्ञापन सौंपकर आग्रह किया है कि शनिवार का शाला समय पूर्ववत सुबह ही रखा जाए। उन्होंने कहा—“व्यायाम से शरीर मजबूत होता है, योग-प्राणायाम से मानसिक शक्ति का विकास होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी योग व प्राणायाम को पाठ्यक्रम में शामिल किया है, लेकिन सुबह के बजाय दोपहर में स्कूल लगाने से ये गतिविधियां बाधित हो रही हैं। शनिवार सुबह स्कूल न लगाना बच्चों के सर्वांगीण विकास में रुकावट है।”
स्थायी आदेश के विपरीत DPI का नया निर्देश
संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे और प्रांतीय महासचिव धर्मेश शर्मा ने बताया कि 1 सितंबर 2018 को स्कूल शिक्षा विभाग ने स्थायी आदेश जारी कर शनिवार को सुबह 7:30 से 11:30 बजे तक शाला अवधि तय की थी। किंतु 22 जुलाई 2025 को DPI ने समय सारणी भेजकर इस व्यवस्था को बदलने की कोशिश की, जिसके चलते प्रदेशभर में एकरूपता खत्म हो गई और शारीरिक शिक्षा जैसी गतिविधियां प्रभावित हो गईं।
सुबह स्कूल लगाने के पीछे है ठोस कारण
प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष चन्द्रशेखर तिवारी और मीडिया प्रभारी जितेंद्र शर्मा ने कहा कि शनिवार को सुबह स्कूल लगाने का निर्णय शिक्षाविदों की गहरी सोच का परिणाम है। सुबह का समय योग-प्राणायाम और व्यायाम के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है। उनका कहना था—“केवल पुस्तकीय पढ़ाई पर जोर देकर अन्य गतिविधियों को ठप्प करना समझदारी नहीं है। जब तन और मन दोनों स्वस्थ रहेंगे, तभी बच्चे सशक्त और सुशिक्षित नागरिक बनेंगे।”
संघ की मांग
शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मांग की है कि DPI के अव्यवहारिक आदेश को निरस्त कर शनिवार को सुबह 7:30 से 11:30 अथवा 8 से 12 बजे तक स्कूल समय का स्पष्ट आदेश जारी किया जाए। इससे बच्चों की शारीरिक शिक्षा, योग, प्राणायाम और अन्य गतिविधियां सुचारु रूप से संचालित हो सकेंगी और शिक्षा का मूल उद्देश्य – सर्वांगीण विकास – पूरा हो सकेगा।




















