
प्रदेश में आज जारी आदेश के साथ कुल 1478 शिक्षकों को प्राचार्य पद पर पदोन्नत किया गया है। इसमें व्याख्याता ई संवर्ग के 744, एलबी संवर्ग के 329 और पूर्व माध्यमिक प्रधान पाठक के 405 शिक्षक शामिल हैं। बालोद जिले के अधिकांश हाई और हायर सेकेंडरी स्कूलों को अब नियमित प्राचार्य मिल गए हैं।
जिलाध्यक्ष जितेंद्र शर्मा ने सभी पदोन्नत शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि वर्षों की जद्दोजहद के बाद यह दिन ऐतिहासिक बन गया है। शिक्षाकर्मी से संस्थाप्रमुख बनने का गर्व केवल वही महसूस कर सकता है जिसने इस संघर्ष का पूरा दौर देखा है। उन्होंने कहा कि प्राचार्य पदोन्नति के लंबित पदों व दिव्यांग आरक्षण के लिए रिव्यू डीपीसी जल्द कराने की जरूरत है। साथ ही लेक्चरर प्रमोशन प्रक्रिया में हो रही देरी को तुरंत समाप्त करने की मांग भी की।
प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे और महासचिव धर्मेश शर्मा ने कहा कि अनियमित कर्मचारी से संस्थाप्रमुख तक की यात्रा संगठन की एकजुटता और संघर्ष की जीत है। अब बारी लंबित लेक्चरर प्रमोशन की है, जिसे बिना देरी पूर्ण किया जाना आवश्यक है। संगठन ने दिव्यांग शिक्षकों को 3% आरक्षण देने की मांग पहले भी उठाई थी और रिव्यू डीपीसी में पात्र शिक्षकों को अवसर देने पर बल दिया।

प्रांतीय मीडिया प्रभारी जितेंद्र शर्मा ने बताया कि संगठन के प्रयासों से पहले व्याख्याता वरिष्ठता सूची का संशोधन हुआ, अपात्र नाम हटे और प्राचार्य पदोन्नति की बाधाएं दूर हुईं। अब UDT और प्राथमिक प्रधान पाठक लेक्चरर प्रमोशन का इंतजार कर रहे हैं, जिसे जल्द पूरा करना चाहिए। संगठन प्राचार्य पदोन्नति से वंचित और दिव्यांग शिक्षकों के अधिकार को सुनिश्चित कराने लगातार प्रयासरत है।
शालेय शिक्षक संघ के प्रांतीय पदाधिकारियों—सुनील सिंह, विष्णु शर्मा, सांत्वना ठाकुर, सत्येंद्र सिंह, विवेक शर्मा, गजराज सिंह, राजेश शर्मा, शैलेश सिंह, प्रह्लाद जैन, संतोष मिश्रा, संतोष शुक्ला, शिवेंद्र चंद्रवंशी सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी पदोन्नत प्राचार्यों को शुभकामनाएं देते हुए सरकार से लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लेने की बात कही।




















