प्रदेश रूचि

लगातार शिकायतों के बाद एनएच-930 सड़क की जांच, दरारों पर अफसर नाराज

एनएच-930 सड़क की गुणवत्ता जांच, ठेकेदार को फटकार….आरटीआई शिकायत के बाद केंद्रीय टीम का निरीक्षण, दर्जनों जगह हुई कोर कटिंग

बालोद। झलमला से शेरपार तक 37.28 किलोमीटर लंबी राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-930) की गुणवत्ता को लेकर उठे सवालों के बीच अब जांच तेज हो गई है। करीब 133 करोड़ की लागत से बनी इस सड़क की गुणवत्ता की जांच के लिए केंद्रीय मंत्रालय के निर्देश पर गुरुवार देर रात वरिष्ठ अधिकारियों की टीम मौके पर पहुँची।

टीम में अधीक्षण अभियंता एस.एस. मांझी, कार्यपाल अभियंता बिलासपुर नितीश तिवारी, एसडीओ बलौदाबाजार एस.के. सूर्यवंशी, प्रयोगशाला प्रभारी अभिजीत सोनी, ठेकेदार की टीम और स्थानीय एनएच एसडीओ-सब इंजीनियर सहित कर्मचारी मौजूद रहे। इस दौरान टीम ने सड़क की मोटाई और मजबूती परखने के लिए दर्जनों स्थानों पर कोर कटिंग कर सैंपल लिए और उसे परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा।

दरारों और गड्ढों पर नाराजगी

निरीक्षण के दौरान अधीक्षण अभियंता एस.एस. मांझी ने सड़क पर जगह-जगह पड़ी दरारों और गड्ढों को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने ठेकेदार की टीम को फटकार लगाते हुए निर्देश दिया कि बारिश के बाद जिन स्थानों पर दरारें आई हैं, उन्हें तुरंत उखाड़कर दोबारा बनाया जाए।

प्रदेशरुचि की पुरानी रिपोर्टों की पुष्टि

गौरतलब है कि प्रदेश रुचि ने सड़क निर्माण के दौरान ही लगातार गुणवत्ता संबंधी गड़बड़ियों की ओर ध्यान दिलाया था।

जनवरी 2023 में प्रकाशित रिपोर्ट में निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों और गुणवत्ता की अनदेखी का खुलासा किया गया।

अक्टूबर 2023 में भाजपा नेताओं ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री को ज्ञापन सौंपकर जांच की मांग की थी।

एनएच 930 सड़क निर्माण में लापरवाही को लेकर भाजपा नेता ने किया केंद्रीय सड़क मंत्री से शिकायत…जल्द मामले की जांच पर पहुंच सकती है केंद्रीय टीम

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आरटीआई कार्यकर्ता की शिकायत और लगातार मीडिया रिपोर्टों के बाद ही केंद्रीय मंत्रालय ने यह जांच कार्रवाई शुरू की।

 

अब सबकी निगाहें रिपोर्ट पर

निरीक्षण के बाद लिए गए सैंपल अब परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सड़क निर्माण में मानकों का पालन किया गया है या नहीं। फिलहाल अधिकारियों की सख्ती और ठेकेदार को मिली फटकार से यह तय हो गया है कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

 

सवाल अब भी है बरकरार

क्या प्रयोगशाला परीक्षणों में सड़क की गुणवत्ता मानक पाए जाएँगे?

ठेकेदार के खिलाफ अनुबंध अनुसार कार्रवाई होगी या नहीं?

क्या भविष्य में ऐसी लापरवाही रोकने के लिए तृतीय-पक्ष ऑडिट की व्यवस्था होगी?

प्रदेशरूचि लगातार:-एनएच 930 निर्माण कार्य मे गुणवत्ता से समझौता..चिकनी सड़क पर बिछाई जा रही डामर की परत..एनएच ई ई बोले

*प्रदेशरूचि लगातार:-एनएच 930 निर्माण कार्य मे गुणवत्ता से समझौता..चिकनी सड़क पर बिछाई जा रही डामर की परत..एनएच ई ई बोले*

 

 प्रदेश रुचि लगातार इस मामले पर नजर बनाए हुए है और आगे की रिपोर्ट जनता तक पहुँचाता रहेगा।

 

 

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