कार्यक्रम में कुल 150 बच्चों को न्यौताभोज कराया गया। इस खास मौके पर मध्यान्ह भोजन के साथ बच्चों की पसंद का मेन्यू भी रखा गया—खीर, पूरी और मीठे व्यंजन ने सभी बच्चों के चेहरे पर मुस्कान ला दी।

नवरात्रि की पावन वेला में 48 बालिकाओं (कक्षा पहली से पाँचवीं तक) का पूजन किया गया। उनके मस्तक का अभिषेक कर देवी स्वरूपों को नमन किया गया और उपहार देकर उन्हें सम्मानित किया गया। कन्या पूजन के जरिए यह संदेश दिया गया कि बेटियाँ घर-परिवार ही नहीं, समाज की भी ताकत हैं और उनका शिक्षित होना सबसे जरूरी है।इस आयोजन में बच्चों को उपहार भी वितरित किए गए। दोनों विद्यालयों के कुल 150 बच्चों को उपहार मिलने के बाद बच्चे भी काफी प्रसन्न नजर आए ।

आयोजन में महिला शिक्षिकाओं एच. चोरके, सुशीला ध्रुवे, भेनुमती चतुर्वेदी, कादंबिनी यादव, खिलेश्वरी तिवारी, सरिता साहू और दीपाली साहू की भूमिका प्रमुख रही। इनके साथ प्राचार्य जे.के. उईके, सिधेश्वर यदु और अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी योगदान दिया।
इस मौके पर रमन लाल धलेंद्र (प्रधान पाठक माध्यमिक शाला), राजेश यादव (प्रधान पाठक प्राथमिक), नीलकंठ धनकर, जानकी देशमुख, रेखा देशमुख, हितेश्वरी साहू सहित सभी सहायक शिक्षक और रसोईया भी शामिल रहे।

नवरात्रि में हुए इस आयोजन ने न सिर्फ बेटियों की महत्ता को रेखांकित किया, बल्कि बच्चों को संस्कार और शिक्षा से जोड़ने की एक अनोखी पहल भी की।




















