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पलारी में संगीता सिन्हा का चला सियासी जादू, नवगठित नगर पंचायत में कांग्रेस की ऐतिहासिक जीत

अध्यक्ष पद पर कांग्रेस का कब्जा, 15 में से 10 वार्डों में भी फहराया परचम; भाजपा के दिग्गजों का प्रचार नहीं दिला सका जीत
बालोद। नवगठित पलारी नगर पंचायत के पहले चुनाव में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न केवल अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाया, बल्कि वार्ड चुनावों में भी स्पष्ट बहुमत हासिल कर अपनी राजनीतिक ताकत का दमदार प्रदर्शन किया। इस जीत के केंद्र में रहीं संजारी-बालोद विधायक एवं छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष संगीता सिन्हा, जिन्होंने चुनाव प्रचार की कमान संभालते हुए कांग्रेस संगठन को जीत की मंजिल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस प्रत्याशी यानेश कुमार साहू ने भाजपा प्रत्याशी लखन गुरुपंच को 506 मतों के बड़े अंतर से पराजित कर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। चुनावी आंकड़े बताते हैं कि अध्यक्ष पद की दौड़ में कांग्रेस को 13 वार्डों में बढ़त मिली, जबकि भाजपा केवल 3 वार्डों में ही बढ़त बना सकी। वहीं नगर पंचायत के 15 वार्डों में हुए पार्षद चुनाव में कांग्रेस समर्थित 10 प्रत्याशी विजयी रहे, जबकि भाजपा को 5 वार्डों में संतोष करना पड़ा।
पहले ही चुनाव में कांग्रेस का दमदार संदेश
पलारी नगर पंचायत के गठन के बाद यह पहला चुनाव था, इसलिए परिणामों को लेकर राजनीतिक दलों के साथ-साथ आम जनता में भी उत्सुकता बनी हुई थी। चुनाव परिणामों ने साफ संकेत दिया कि क्षेत्र में कांग्रेस की पकड़ मजबूत बनी हुई है और मतदाताओं ने स्थानीय नेतृत्व पर भरोसा जताया है।
संगीता सिन्हा ने संभाली मोर्चेबंदी, घर-घर पहुंची कांग्रेस
चुनाव प्रचार के दौरान विधायक संगीता सिन्हा लगातार मैदान में सक्रिय रहीं। उन्होंने वार्ड स्तर पर बैठकें लीं, कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां सौंपीं और जनसंपर्क अभियान के जरिए सीधे मतदाताओं तक पहुंच बनाई। कांग्रेस ने इस चुनाव को केवल संगठन के भरोसे नहीं छोड़ा, बल्कि स्थानीय मुद्दों और जनभावनाओं को केंद्र में रखकर रणनीति तैयार की।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि संगीता सिन्हा की सक्रियता, संगठन पर पकड़ और स्थानीय स्तर पर उनकी स्वीकार्यता ने कांग्रेस की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई। चुनावी माहौल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह और बूथ स्तर तक की मजबूत तैयारी भी परिणामों में साफ दिखाई दी।
भाजपा की पूरी ताकत भी नहीं बदल सकी नतीजे
पलारी चुनाव भाजपा के लिए भी प्रतिष्ठा का विषय बना हुआ था। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और सरकार के मंत्री चुनाव प्रचार के लिए क्षेत्र में पहुंचे। जनसभाएं, रोड शो और व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाए गए। भाजपा ने विकास कार्यों को प्रमुख मुद्दा बनाकर मतदाताओं को साधने का प्रयास किया, लेकिन जनता ने कांग्रेस के पक्ष में स्पष्ट जनादेश दिया।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि भाजपा के बड़े नेताओं की मौजूदगी और व्यापक प्रचार अभियान भी मतदाताओं के फैसले को प्रभावित नहीं कर सके। चुनाव परिणामों के बाद राजनीतिक हलकों में यह चर्चा तेज है कि आखिर इतनी बड़ी चुनावी तैयारी के बावजूद भाजपा अपेक्षित सफलता हासिल क्यों नहीं कर सकी।
जश्न में डूबे कांग्रेस कार्यकर्ता
परिणाम घोषित होते ही पलारी सहित पूरे क्षेत्र में कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल बन गया। समर्थकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर, पटाखे फोड़कर और नारेबाजी कर जीत का जश्न मनाया। कार्यकर्ताओं ने इसे संगठन की मेहनत और विधायक संगीता सिन्हा के नेतृत्व में मिली बड़ी राजनीतिक सफलता बताया।
मतगणना के दौरान सामान्य प्रेक्षक शमा फारुकी (आईएफएस), अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी चंद्रकांत कौशिक, रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम गुरूर आर.के. सोनकर सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

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