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Day 4 शिवमहापुराण :- लगातार बढ़ते धर्म परिवर्तन पर पं. प्रदीप मिश्रा ने की चिंता जाहिर ..धर्म परिवर्तन रोकने को लेकर बोले

बालोद- जुगेरा के मैदान में सीहोर वाले महाराज पंडित प्रदीप मिश्रा के द्वारा श्री मणि लिंग महापुराण कथा का चौथा दिन रहा। मंगलवार को अंतिम दिवस कथा का आरंभ सुबह 8 बजे से 11 बजे तक होगी जिसके बाद समापन किया जाएगा। प्रवचन के दौरान पं. प्रदीप मिश्रा ने धर्मांतरण मामले पर भी जमकर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि धर्म परिवर्तन का काम चल रहा है। आदिवासियों को धर्मपरिवर्तन कराया जा रहा हैं।आदिवासियों भाइयों और बहनों को बूढ़ादेव का पूजन करने नही दे रहे हैं। बूढ़ादेव शंकर भगवान है। बूढ़ादेव ही जो आदिवासियों को जंगल के बीच से बचा रहे हैं।प्रदीप मिश्रा ने आदिवासियों को बूढ़ादेव की पूजा अर्चना नही छोड़ने की अपील किया है। प्रदीप मिश्रा ने कहा कि भक्ति बिना छल और बिना दिखावा होता है वह भक्ति श्रेष्ठ नही होता हैं।

भोलेनाथ को झूठ पसंद नही

प्रदीप मिश्रा ने कहा कि भगवान भोलेनाथ को झूठ पंसद नही है।शंकर जी के मंदिर में जल चढ़ाने जाए तो कटोरी को साथ मे लेकर जाओ और उसी शंकर का जी चढ़ा हुआ जल अमृत के समान है।जितने देर मंदिर में रहे हम झूठ न बोले और मुंह जूठा न हो ।विश्वास क्या देता हमे दृणता बनाने सुख प्रदान करता हैं।नांदगांव में एक बच्चे को डॉक्टर ने मृत धोषित कर दिया है।माँ ने कहा मैं इतना शिव पुराण सुनती हु मेरा बेटा नही मर सकता है। शिव किसे कहते हैं।हमारी विश्वास को शिव स्वरूप दिया गया है।हमारे भरोसा को भगवान को छोड़ देते हैं।भक्ति को डिगने मत देना ,गलती मत करो।गलती करो फूल करो हम कहते एक बार गलती करो दसरी बार गलती मत करो।गलती मनुष्य करता हैं क्या परमात्मा गलती करता हैं।हमसे भी गलती हो जाती है।यदि कोई बोल दे हमने जिंदगी में गलती नही की उसका प्रणाम कर लो।भक्ति बढ़ाइए।जितने लोग भरोसे से आते हैं बाबा सभाल लेंगे।


गंदी नाली का पानी को बेचकर बनाने वाले करोड़ पति हो गए और पीने वाले हो गए रोड पति

प्रदीप मिश्रा ने कहा कि 30 से 35 जजमान बने हैं वो शिव के रूप है।भगवान की भक्ति वो सधसर्न नही है जिस कुत्ते को तुमने पाला और रोटी दिया वो कुत्ता तुम्हे काट लिया वह कुत्ता किस काम का। तुम्हारा जीवन बेकार है। धन कमाने में दुकान में सुबह से लेकर रात मेहनत किया वही धन तुम्हे बिगाड़ दे ।कमाया हुआ धन गलत जगह जाएगा ऐसा धन का क्या मतलब। भूखे को खाना खिलाया।गंदी नाली का पानी को बेचकर बनाने वाले करोड़ पति हो गए और पीने वाले रोड पति हो गया है। धन तुम कमाओ रहे वो अपने पत्नी, माता पिता में खर्च करो ।ये कथा की जुनून है आप जगह में दरी बिछाकर बैठ जाते है।पंडाल में जगह नही है तो डंडे में चादर को बाधकर कथा सुन रहे हैं । यही शिव शक्ति है।

 

मंगलवार को सुबह 8 बजे से 11 बजे तक होगी कथा

प्रदीप मिश्रा ने कहा कि आज सावन का आखरी सोमवार विराम हो जाएगा।मंगलवार को सुबह 8 बजे 11 बजे तक होगी। बाबा कहा हो, बाबा रोज तुम्हारी याद आती है ।बाबा से किया प्राथना कभी खाली नही जाता।चार लोगी को एक जगह बिठा दो तो आपस मे बात होती रहती हैं। कथा में लाखों से लाखों भक्त बालोद नगर में मौन होकर कथा सुन रहे है केवल।हम शंकर को देखे या न देखे लेकिन शंकर बात को सुन रहा हैं।तुम चोर को नही देख पाते लेकिन चोर ने गले के चेन और मंगलसूत्र को देख लेता हैं।वैसे ही आपको भगवान नही दिखता लेकिन बाबा आपको देख रहा हैं।मा पार्वती जी ने पार्थिक शिव लिंग की स्थापना शंकर जी को पाने के लिए किया था। बाबा को आते हुए और जाते हुए नही देखा लेकिन जो शिवमहापुराण में शामिल होते है वो खाली हाथ नही जाते है। शरीर मे शंकर आए हो नही सकता। शंकर अमर अजर है।शंकर जी शरीर मे नही आएगा। क्या शरीर मे गांधी जी आया है।तो क्यों देवीदेवताओं को अपमान करते हो।शंकर शरीर मे नही आते मेरा महादेव को पृथ्वी में रहता हैं सबके दुख में आते हैं।

हमारे देश मे चार धाम है, इसके बाद भी दूसरे धर्म मे जा रहे लोग

प्रदीप मिश्रा ने कहा कि हमारे देश मे चार धाम है। 12 ज्योति लिंग होने के बाद भी लोग दूसरे धर्म मे जा रहे हैं। लोगो की बुध्दि कहा जा रहे ।हमे सोचना चाहिए अपने धर्म को छोड़कर जा रहे ।अपने धर्म मे रहने का प्रयास करो।कोई धर्म परिवर्तन करने के लिए बोले तो उन्होंने जवाब देना हमारे सब कुछ शिव है बोलना। जितने भगवान की मूर्ति जितनी छोटी उतनी जी सुख देगी और भक्ति में रम सकते हों।


रक्षा करने वाले को बांधी जाती हैं राखी

प्रदीप मिश्रा ने कहा कि राखी किसको बांधी जाती हैं रक्षा करने वालो को भगवान ,गुरु को भी बांधी जाती हैं।गौमाता को राखी बांध सकते हो।प्रकृति से प्रेम करो सोर पेड़ को राखी बांधो।राखी का त्यौहार 30 अगस्त को रात्री 9 बजे बाबा का नाम लेकर राखी बांधो।दिल और आनंद से मनाए। राखी में भद्रा में मिठाई में नही है।मिठाई खूब खावो। मेरे भोलेनाथ को भाई बनाओ और राखी बाधो।

शिवमहापुराण से पहले निकली विशाल शोभायात्रा… कथा से 2 दिन पूर्व हजारी की संख्या में पहुंचे श्रद्धालु…पंडाल में पहुंचे शिवभक्तों ने कहा…

पंडित प्रदीप मिश्रा का बालोद जिला मुख्यालय में हुआ आगमन…. पुष्प वर्षा कर किया गया स्वागत….

*शिवमहापुराण के दौरान बीमार व दिव्यांग लोगो को करना पड़ रहा पुलिसिया बदसूलुकी का सामना…..लोगों की समस्याओं से बेखबर आयोजन समिति अपनी भक्ति मे लीन*

कथावाचक पंडित मिश्रा के कथावाचन के दौरान पूरा पंडाल गुंजा छतीसगढ़िया सबसे बढ़िया के गगनभेदी नारो से….उमस भरी गर्मी के बीच लाखो लोगो ने सुने पहले दिन की ये पूरी कथा..

शिवमहापुराण के दूसरे दिन भीड़ हुई दोगुनी…इधर पं मिश्रा ने बालोद में बदलते धार्मिक माहौल पर बरसते हुए बोले राजनीति के चक्कर मे धर्म को बना रहे खिलौना

Day 3 pt pradip mishra:- शिवमहापुराण के तीसरे दिन उमड़ा जनसैलाब… पं. मिश्रा ने बताये सिर्फ शिवभक्ति और एक लोटा जल से सर्पदंश पीड़ित बच्ची का कैसे बची जान…

 

 

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