इसरो ने चंद्रयान को चंद्रमा में भेजने के लिए वैज्ञानिकों ने शास्त्रों का लिया सहारा
प्रदीप मिश्रा ने कहा कि इसरो ने हाल के दिनों में चंद्रयान को चन्द्रमा में भेजा है। ईसरो ने चंद्रयान को चंद्रमा में भेजने के लिए शास्त्रों का सहारा लिया है। सारे वैज्ञानिकों ने रिसर्च कहा से लाते है।वैज्ञानिकों द्वारा हमारे वेद शास्त्र,शिव पुराण और शास्त्रों से ही लाया गया है।
2 योग बने- पवित्र श्रावण और अधिक मास
पं. प्रदीप मिश्रा ने श्री मणि लिंग पुराण की कथा शुरू करने से पहले महा शिवपुराण का वैदिक पूजन-अर्चन किया। इसके बाद उन्होंने कथा पंडाल में मौजूद भक्तों को शिव महिमा की कथा सुनाई। पवित्र अधिक मास और श्रावण का महीना दोनों एक साथ होने से शिव की कृपा अपने भक्तों पर किस प्रकार से बरसती है। इसका भी वर्णन किया। उन्होंने वैदिक परंपरा, संस्कार, संस्कृति को लेकर भी शिव महिमा सुनाई।
छग के मूल निवासी कभी धोखा नही दे सकता-प्रदीप मिश्रा
कथा वाचक पंडित मिश्रा ने सबसे पहले छतीसगढ़िया सबसे बढ़िया के गगनभेदी नारे लगाते हुए कहा कि रायपुर के एयरपोर्ट में एक व्यक्ति मिला और कहा गुरुजी छतीसगढ़ के लोग आपकी बात को समझते हैं।फिर मैंने कहा छग के लोग मेरी बाते को समझे न समझे लेकिन हम छतीसगढ़ के बात को समझते हैं।छग के मूल निवासी हैं वो कभी धोखा नही दे सकता ।छग के लोग अपने मेहनत से कभी नही हटता।काम करते हैं भोलेनाथ का नाम लेते छग के लोग।देश मे कही अक्षत नही होता लेकिन छग में अक्षत होता हैं।
कलयुग नही ये शिव युग है
श्री मणि लिंग महापुराण कथा में पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा कि होटल में आज कल खाने के लिए लाइन नही लगती।मेरे देवो का देव महादेव के मंदिर के दरवाजे में बेल पत्र,लोटा में जल लेकर लाईन लगाकर भक्त खड़े रहते है।यही तो शिव का युग है। आज शहर,गांव कस्बा में शिवालयों में बम बम हो रहा हैं।पूरे देश मे शकर सबसे ज्यादा व्यस्त हैं। शंकर जी व्यस्त होने के वजह से पार्वती जी से बात नही करते हैं।
2 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे
श्री मणि लिंग महापुराण कथा के पंडाल की क्षमता 2 लाख श्रद्धालुओं के बैठने की है। यह पंडाल कथा शुरू होने के तयशुदा समय से पहले ही लगभग दोपहर 12 बजे तक 2 लाख शिव भक्तों से खचाखच भरा नजर आया। प्रदीप मिश्रा के पंडाल में पहुंचते ही श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोतरी हो गई और आंकड़ा 2 लाख को पार कर गया।
पसीने में तरबतर होकर भी कथा सुनते रहे श्रद्धाल
कथा के पहले दिन अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा को सुनने के लिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। श्रद्धालुओं में अधिकांश महिलाएं हैं। जिसको जहां जगह मिली, वह कथा सुनने के लिए बैठ गया। उमस गर्मी के बावजूद लोग कथा सुनने के लिए बैठे रहें। हालांकि पांडाल में पंखों और कूलर की व्यवस्था आयोजकों की ओर से की गई है। पसीने से तरबतर होकर भी श्रद्धालु अपनी जगह छोड़ने को तैयार नहीं हैं। पंडित मिश्रा के मंच पर आते ही आयोजक समिति व लाखों श्रद्धालुओं ने ताली बजाकर उनका भव्य स्वागत किया।
बस स्टैंड व रेल्वेस्टेशन पर रही भारी भीड़
बालोद के नया बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर भी शिव भक्त श्रद्धालुओं की भारी भीड़ नजर आई। छग के अलावा देश के कई राज्यों से भारी संख्या में शिवभक्त श्रद्धालु श्री मणि लिंग महापुराण कथा को सुनने आ रहे हैं। इस मौके पर प्रशासन ने रेलवे स्टेशन से लेकर कथा स्थल तक सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए है।