रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि सत्ता में आने के मात्र दो वर्षों में ही सरकार जनता के भरोसे से गिर चुकी है। उन्होंने कहा कि हालात इतने खराब हैं कि अब भाजपा के ही सांसद, विधायक और वरिष्ठ नेता अपनी ही सरकार के खिलाफ सवाल उठाने लगे हैं।
बैज ने कहा कि भाजपा के वरिष्ठ आदिवासी नेता और पूर्व मंत्री ननकी राम कंवर ने राज्य में कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) तक दस्तावेजों के साथ पत्र भेजा, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पार्टी के वरिष्ठ नेता ही भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं, तो सरकार चुप क्यों है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि डीएमएफ फंड में बंदरबांट के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवा आदिवासी नेता रवि भगत पर कार्रवाई कर उनकी आवाज दबाने की कोशिश की गई। बैज ने कहा कि यह सरकार भ्रष्टाचार उजागर करने वालों को संरक्षण देने के बजाय उन्हें ही निशाना बना रही है।
राजिम कुंभ को लेकर भी सवाल
दीपक बैज ने राजिम कुंभ मेले में हुए खर्च पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि आयोजन के लिए करोड़ों रुपये का बजट दिया गया, लेकिन इसके बावजूद साधु-संतों से लेकर स्थानीय कलाकारों तक को अपमान का सामना करना पड़ा और श्रद्धालुओं को भारी अव्यवस्थाओं से गुजरना पड़ा।
उन्होंने पूछा कि जब मेले में बुनियादी व्यवस्था तक नहीं है तो फिर करोड़ों रुपये आखिर कहां खर्च हुए।
बैज ने भाजपा विधायक रोहित साहू द्वारा मेले में अधिकारियों पर नाराजगी जताने के मामले पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि साहू खुद आयोजन समिति का हिस्सा हैं, ऐसे में उनका सार्वजनिक आक्रोश यह दर्शाता है कि सरकार के भीतर भी व्यवस्थाओं को लेकर असंतोष है।
भाजपा नेताओं की चुप्पी पर कांग्रेस का सवाल
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि राज्य में कई भाजपा नेता अलग-अलग मुद्दों पर सवाल उठाते रहे हैं, लेकिन बाद में अचानक चुप्पी साध लेते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जंबूरी आयोजन में कथित गड़बड़ी, 33 हजार शिक्षकों की भर्ती, यातायात अव्यवस्था और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी भाजपा नेताओं ने सवाल उठाए, लेकिन आगे कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
बैज ने आरोप लगाया कि जो भाजपा नेता व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं, यदि वे सच में जनता के प्रति जवाबदेह हैं तो सरकार की नाकामियों के खिलाफ इस्तीफा क्यों नहीं देते।
उन्होंने कहा कि भाजपा नेता एक ओर जनता के हितैषी होने का दावा करते हैं, वहीं दूसरी ओर सत्ता का लाभ भी लेते हैं। कांग्रेस का दावा है कि जनता अब इस “राजनीतिक नौटंकी” को समझ चुकी है और ऐसे प्रोपेगेंडा को स्वीकार नहीं करेगी।




















