संकुल दुधली में अनूठी पहल, सभी विद्यालयों के विद्यार्थियों को कराया गया पौष्टिक भोजन
दुधली। शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकार का एक प्रेरणादायी उदाहरण संकुल दुधली में देखने को मिला, जहां सेजेस दुधली की प्राचार्य दुर्गेशनंदिनी यादव ने अपनी पुत्री डॉ. आकांक्षा यादव के डॉक्टर बनने और जन्मदिन की खुशी को समाज के साथ साझा करते हुए पूरे संकुल के विद्यालयों में न्यौताभोज का आयोजन कराया। इस विशेष अवसर पर लगभग 1400 से अधिक विद्यार्थियों को स्वादिष्ट एवं पौष्टिक भोजन परोसा गया। आयोजन को क्षेत्र में एक अनूठी और प्रेरणादायी पहल के रूप में सराहा जा रहा है।
राज्य सरकार की न्यौताभोज योजना सामान्यतः प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में स्वैच्छिक सहयोग से आयोजित की जाती है, लेकिन संकुल स्तर पर एक साथ सभी विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए इस प्रकार का आयोजन विरल माना जा रहा है। यही कारण है कि इस पहल ने शिक्षा जगत के साथ-साथ स्थानीय समाज का भी ध्यान आकर्षित किया।

न्यौताभोज में विद्यार्थियों को खीर, पूरी, फल और मिठाई जैसे पौष्टिक व्यंजन परोसे गए। बच्चों ने उत्साहपूर्वक भोजन ग्रहण किया और पूरे आयोजन में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। आयोजन का उद्देश्य केवल भोजन कराना नहीं, बल्कि बेटी की उपलब्धि को समाज के साथ साझा करते हुए शिक्षा, सेवा और संस्कार का संदेश देना भी रहा।
इस आयोजन से संकुल दुधली के अंतर्गत आने वाले विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी लाभान्वित हुए। इनमें सेजेस दुधली के 460, सरस्वती शिशु मंदिर दुधली के 417, प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला दुधली के 169, प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला कोरगुड़ा के 149, प्राथमिक शाला रेंघई के 63, प्राथमिक शाला खपरी के 55, प्राथमिक शाला बनगांव के 36 तथा प्राथमिक शाला कलकसा के 20 विद्यार्थियों सहित कुल 1400 से अधिक बच्चों को न्यौताभोज कराया गया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिवार ने डॉ. आकांक्षा यादव को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। हायर सेकेंडरी विद्यालय के शिक्षकों ने उनका सम्मान कर वृक्ष भेंट किया, जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। उपस्थित शिक्षकों और विद्यार्थियों ने इसे उपलब्धि के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी ए.के. साहू ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संदेश देने के साथ अन्य लोगों को भी प्रेरित करते हैं। आयोजन को सफल बनाने में शिक्षक सुनील देशलहरे और रेखलाल भोसले सहित विद्यालय परिवार का विशेष योगदान रहा।

कार्यक्रम में मिलन सिन्हा, कांति टांडिया, आर.एन. राणा, कादम्बिनी यादव, सिधेश्वर यदु सहित विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। संकुल समन्वयक मिश्राप्रसाद गायकवाड़ ने संपूर्ण संकुल की ओर से इस आयोजन के लिए दुर्गेशनंदिनी यादव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज में शिक्षा और सेवा की ऐसी परंपराएं नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनती हैं।
संकुल के विभिन्न विद्यालयों के प्रधानपाठकों ने भी इस आयोजन की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए कहा कि व्यक्तिगत खुशियों को समाज और बच्चों के साथ साझा करने की यह संस्कृति शिक्षा व्यवस्था को और अधिक मानवीय तथा संवेदनशील बनाती है। उनका मानना है कि यदि समाज के अन्य लोग भी अपनी उपलब्धियों और खुशियों को इस प्रकार बच्चों के साथ साझा करें, तो शिक्षा के प्रति अपनापन और सामाजिक सहभागिता दोनों को नई दिशा मिलेगी।




















