नई दिल्ली। छोटे बच्चों में सर्दी-जुकाम और नाक बंद होने जैसी सामान्य समस्याओं के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कुछ कफ-कोल्ड दवाओं को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने क्लोरफेनिरामाइन मैलिएट और फिनाइलेफ्राइन हाइड्रोक्लोराइड वाले सभी निश्चित खुराक संयोजन यानी एफडीसी के निर्माण, बिक्री और वितरण पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि इन दवाओं का इस्तेमाल चार वर्ष से कम उम्र के बच्चों में नहीं किया जाना चाहिए।

सरकार का यह फैसला बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी विशेषज्ञ सिफारिशों के बाद आया है। विशेषज्ञ समिति और ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) की सिफारिशों के आधार पर सरकार ने माना कि इस तरह के संयोजन चार वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं, जबकि उनके लिए सुरक्षित विकल्प उपलब्ध हैं। नई अधिसूचना में पहले से लागू आयु-विशिष्ट चेतावनी का दायरा बढ़ाते हुए इन दोनों घटकों वाले सभी फॉर्मूलेशन को इसके दायरे में लाया गया है।
पहले भी जारी हो चुकी थी चेतावनी
सरकार ने इससे पहले 15 अप्रैल 2025 को जारी अधिसूचना के जरिए क्लोरफेनिरामाइन मैलिएट और फिनाइलेफ्राइन हाइड्रोक्लोराइड वाले कुछ एफडीसी पर चार वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए आयु-विशिष्ट चेतावनी लागू की थी। अब इस व्यवस्था को और व्यापक बनाते हुए दोनों दवा घटकों वाले सभी संबंधित संयोजनों पर लागू कर दिया गया है।
निर्माताओं को दवाओं के लेबल, पैकेज इंसर्ट और प्रचार सामग्री पर साफ तौर पर यह चेतावनी प्रदर्शित करनी होगी कि इन निश्चित खुराक संयोजनों का इस्तेमाल चार वर्ष से कम उम्र के बच्चों में नहीं किया जाना चाहिए। यह आदेश औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 की धारा 26ए के तहत जनस्वास्थ्य के हित में जारी किया गया है और आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से प्रभावी है।

बच्चों को कफ-कोल्ड की दवा देने में क्यों जरूरी है सावधानी?
सर्दी-जुकाम होने पर छोटे बच्चों को तुरंत कफ या कोल्ड सिरप देने की प्रवृत्ति आम है। लेकिन विशेषज्ञों की चिंता केवल किसी एक दवा के संयोजन तक सीमित नहीं है। कफ-कोल्ड की कई दवाओं में एक से अधिक सक्रिय घटक होते हैं। यदि अभिभावक अलग-अलग दवाएं एक साथ देते हैं और उनमें समान सक्रिय घटक मौजूद हो, तो अनजाने में ओवरडोज का खतरा बढ़ सकता है।
अमेरिकी FDA भी छोटे बच्चों में कफ-कोल्ड दवाओं के इस्तेमाल को लेकर सावधानी बरतने की सलाह देता है। उसके अनुसार कुछ कफ-कोल्ड दवाओं में मौजूद डीकंजेस्टेंट और एंटीहिस्टामिन छोटे बच्चों में गंभीर दुष्प्रभाव पैदा कर सकते हैं। बच्चों को उम्र और वजन के अनुरूप दवा देने तथा एक से अधिक उत्पादों में समान घटक होने की स्थिति में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है।
हर सर्दी-जुकाम में दवा जरूरी नहीं
बच्चों में होने वाली सामान्य सर्दी अक्सर अपने आप ठीक हो जाती है। ऐसे में केवल लक्षण देखकर बाजार से कफ-कोल्ड सिरप खरीदकर देना उचित नहीं माना जाता। विशेष रूप से नवजात और छोटे बच्चों में किसी भी दवा का इस्तेमाल चिकित्सकीय सलाह के बाद करना अधिक सुरक्षित है।
बच्चे को दवा देते समय उसकी उम्र, वजन, दवा की मात्रा और उसमें मौजूद सक्रिय घटकों की जानकारी देखना जरूरी है। एक ही समय में अलग-अलग ब्रांड की ऐसी दवाएं देने से बचना चाहिए जिनमें समान औषधीय घटक हो सकते हैं।
दवा बाजार और अभिभावकों के लिए सीधा संदेश
केंद्र सरकार का ताजा फैसला केवल दवा निर्माताओं के लिए नियामकीय कार्रवाई नहीं है, बल्कि अभिभावकों के लिए भी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य चेतावनी है। अब चार वर्ष से कम उम्र के बच्चों के मामले में ऐसी दवाओं को लेकर स्वयं निर्णय लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता देना जरूरी होगा।













