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महिला आरक्षण पर कांग्रेस का भाजपा पर हमला, बोली- भ्रम फैला रही केंद्र सरकार

बालोद। महिला आरक्षण (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लेकर सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी बालोद ने स्थानीय राजीव भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला। जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने कहा कि कांग्रेस हमेशा से महिला आरक्षण के पक्ष में रही है, लेकिन भाजपा इस मुद्दे पर जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा यह झूठा प्रचार कर रही है कि विपक्ष के विरोध के कारण महिला आरक्षण बिल पास नहीं हो सका, जबकि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 संसद के दोनों सदनों से पारित होकर राष्ट्रपति Droupadi Murmu की मंजूरी के बाद कानून बन चुका है।

परिसीमन के नाम पर राजनीति का आरोप

चंद्रेश हिरवानी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार महिला आरक्षण को लागू करने के बजाय परिसीमन और जनगणना को मुद्दा बनाकर इसे टालना चाहती है। उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल 2026 को संसद में पेश किया गया 131वां संविधान संशोधन विधेयक महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन संशोधन और केंद्रशासित प्रदेश कानून संशोधन लाने का प्रयास था।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में महिला आरक्षण लागू करना चाहती है, तो मौजूदा सदस्य संख्या में ही 33 प्रतिशत आरक्षण देकर इसे तत्काल लागू कर सकती है। कांग्रेस इसके समर्थन में पहले ही अपना पक्ष स्पष्ट कर चुकी है।

विधायक संगीता सिन्हा ने भी साधा निशाना
प्रेस वार्ता में विधायक Sangeeta Sinha ने कहा कि जब 2026-27 की जनगणना प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और केंद्र सरकार जातिगत जनगणना की बात भी स्वीकार कर चुकी है, तो फिर नए आंकड़ों के आधार पर महिला आरक्षण लागू करने में देरी क्यों की जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की मंशा महिला सशक्तिकरण नहीं, बल्कि अपने राजनीतिक लाभ के अनुसार सीटों के परिसीमन की थी, जिसे विपक्ष की एकजुटता ने विफल कर दिया।

कांग्रेस ने गिनाए महिला सशक्तिकरण के पुराने कदम
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पंचायतों और नगरीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण दिलाने का श्रेय कांग्रेस सरकारों को जाता है। मई 1989 में पूर्व प्रधानमंत्री Rajiv Gandhi ने पंचायतों और नगरीय निकायों में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण का विधेयक पेश किया था। बाद में 1993 में तत्कालीन प्रधानमंत्री P. V. Narasimha Rao के कार्यकाल में यह कानून बना।

इसी तरह संसद और विधानसभाओं में महिला आरक्षण के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री Manmohan Singh के नेतृत्व में भी प्रयास किए गए। कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि आज देशभर में पंचायतों और नगर निकायों में 15 लाख से अधिक निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधि कांग्रेस की नीतियों का परिणाम हैं।

कई नेता रहे मौजूद

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष रामजी भाई पटेल, पुरुषोत्तम पटेल, महामंत्री भोजराज साहू, धीरज उपाध्याय, शहर कांग्रेस अध्यक्ष अंचल प्रकाश साहू, पूर्व अध्यक्ष अनिल यादव, कमल टुवानी, शेख मतीन सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पत्रकार मौजूद रहे।

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