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बालोद में अतिक्रमण पर बड़ी कार्रवाई की आहट, सदर मार्ग पर मार्किंग से मचा हड़कंप

बालोद। जिला मुख्यालय के सबसे व्यस्ततम सदर मार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराने की दिशा में प्रशासन ने गुरुवार को सख्त कदम उठाते हुए राजस्व विभाग और नगर पालिका की संयुक्त टीम के साथ पूरे मार्ग पर व्यापक मार्किंग की। खास बात यह रही कि यह मार्किंग केवल सड़क तक सीमित नहीं रही, बल्कि कई स्थानों पर दुकानों के भीतर तक सीमांकन किया गया, जिससे व्यापारियों में हड़कंप की स्थिति बन गई। कार्रवाई की भनक लगते ही पुराने बस स्टैंड क्षेत्र के कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं, जिसके बाद प्रशासनिक अमले ने बंद दुकानों के शटर पर ही अतिक्रमण हटाने संबंधी नोटिस चस्पा कर दिए। इस पूरे घटनाक्रम से व्यापारियों में शासन-प्रशासन के खिलाफ नाराजगी साफ तौर पर देखी जा रही है।


दरअसल, कुछ दिन पहले एसडीएम कार्यालय में इस मुद्दे को लेकर महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें एसडीएम नूतन कंवर ने स्पष्ट रूप से कहा था कि सदर मार्ग पर शासकीय भूमि पर किया गया कोई भी कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उसे हर हाल में हटाया जाएगा। उन्होंने घड़ी चौक से लेकर रामदेव चौक, बुधवारी बाजार मार्ग होते हुए मधु चौक तक के सभी मकान मालिकों और व्यापारियों को अपनी-अपनी वैध जमीन के दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए थे। इसी कड़ी में अब जमीनी स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।


राजस्व विभाग द्वारा पूर्व में किए गए सर्वे के आधार पर की गई इस मार्किंग को लेकर स्थानीय व्यापारियों में भारी चिंता व्याप्त है। कई दुकानदारों का कहना है कि यदि प्रशासन इसी मार्किंग के अनुसार कार्रवाई करता है, तो उनकी पूरी दुकानें अतिक्रमण की जद में आ जाएंगी, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। कुछ स्थानों पर तो स्थिति इतनी गंभीर है कि दुकानों के पीछे के हिस्सों, सीढ़ियों और अंदरूनी ढांचे तक को सीमांकन में शामिल कर लिया गया है। व्यापारियों का मानना है कि इस कार्रवाई से वर्षों से संचालित उनका व्यवसाय पूरी तरह प्रभावित हो सकता है।


राजस्व रिकॉर्ड और वर्तमान स्थिति की तुलना करें तो स्थिति और भी चौंकाने वाली सामने आती है। रिकॉर्ड के अनुसार रामदेव चौक से मधु चौक तक सड़क की चौड़ाई 20 से 30 मीटर दर्ज है, जबकि वर्तमान में यह केवल 8 से 11 मीटर तक सिमट कर रह गई है। इसी तरह दुर्गा मंदिर से सदर मार्ग पर 10 से 18 मीटर चौड़ी सड़क रिकॉर्ड में है, लेकिन जमीनी हकीकत में यह मात्र 6 से 8 मीटर रह गई है। घड़ी चौक से सदर मार्ग तक जहां रिकॉर्ड में 20 से 25 मीटर चौड़ाई दर्ज है, वहीं वर्तमान में यह 5 से 8 मीटर के बीच सिमटी हुई है। हलधर नाथ योगी चौक से पुराना भारत जनरल स्टोर तक के हिस्से में तो रिकॉर्ड 20 से 46 मीटर तक चौड़ाई दर्शाता है, जबकि वर्तमान में यह मार्ग 6 से 14 मीटर तक ही सीमित है। इन आंकड़ों से साफ है कि कई स्थानों पर लगभग 10 मीटर तक अतिक्रमण होने की आशंका जताई जा रही है।


प्रशासन की इस सख्ती को देखते हुए अब व्यापारी अपने-अपने पुराने दस्तावेजों को खंगालने में जुट गए हैं। कई व्यापारी राजस्व अभिलेखों के आधार पर अपनी वैधता साबित करने के प्रयास में हैं और स्थानीय अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी बात रखने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, कुछ व्यापारियों द्वारा इस पूरे मामले को लेकर न्यायालय की शरण लेने की भी चर्चा है।

कुल मिलाकर बालोद का सदर मार्ग इन दिनों प्रशासनिक कार्रवाई और व्यापारियों की चिंता के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या प्रशासन मार्किंग के आधार पर आगे कठोर कार्रवाई करेगा या फिर कोई बीच का रास्ता निकलेगा। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि यह कार्रवाई शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने का जरिया बनेगी या फिर एक बड़े विवाद का रूप ले लेगी।

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