यूपीएससी अभ्यर्थियों को बड़ी राहत: कॉल सेंटर का समय बढ़ा, देशभर के छात्रों को मिलेगा त्वरित मार्गदर्शन
संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई) 2026 और भारतीय वन सेवा (आईएफओएस) परीक्षा 2026 की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण पहल करते हुए अपने कॉल सेंटर के संचालन समय को बढ़ा दिया है। आयोग का यह कदम देशभर के लाखों अभ्यर्थियों को आवेदन प्रक्रिया के दौरान बेहतर मार्गदर्शन और समय पर सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है।
अब सप्ताह के सातों दिन मिलेगी सहायता
यूपीएससी ने आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि तक कॉल सेंटर को शनिवार, रविवार और सार्वजनिक अवकाश सहित सप्ताह के सभी दिन संचालित करने का निर्णय लिया है। यह कॉल सेंटर दो शिफ्टों में सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक कार्य करेगा, जिससे नौकरी या पढ़ाई के कारण व्यस्त रहने वाले अभ्यर्थी भी अपनी सुविधा अनुसार जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।
इसके साथ ही आयोग ने कॉल सेंटर की क्षमता को दोगुना कर दिया है, जिससे अभ्यर्थियों को लंबी प्रतीक्षा का सामना नहीं करना पड़ेगा और आवेदन प्रक्रिया से जुड़े सवालों का समाधान तेजी से किया जा सकेगा।
डिजिटल युग में मार्गदर्शन का मजबूत माध्यम
यूपीएससी अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने कहा कि आयोग का उद्देश्य अभ्यर्थियों को अधिक सुविधा प्रदान करना और परीक्षा प्रक्रिया को अधिक छात्र-केंद्रित बनाना है। उनके अनुसार यह पहल अभ्यर्थियों और आयोग के बीच संवाद को मजबूत करने के साथ ही परीक्षा से जुड़ी जटिलताओं को कम करने में मददगार साबित होगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, यूपीएससी जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में आवेदन प्रक्रिया के दौरान छोटी-छोटी तकनीकी त्रुटियां भी अभ्यर्थियों के लिए बड़ी समस्या बन जाती हैं। ऐसे में विस्तारित कॉल सेंटर सुविधा अभ्यर्थियों को समय रहते समस्याओं का समाधान उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
देशभर के अभ्यर्थियों को मिलेगा समान अवसर
यह पहल केवल किसी एक राज्य या क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के दूरस्थ और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले छात्रों के लिए भी बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। कई बार तकनीकी जानकारी या मार्गदर्शन के अभाव में प्रतिभाशाली छात्र आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाते। कॉल सेंटर सुविधा ऐसे छात्रों के लिए भरोसेमंद सहारा बन सकती है।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की पहल से छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और उन्हें राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
अभ्यर्थियों के अनुभव में दिख रहा सकारात्मक बदलाव
यूपीएससी की इस पहल को लेकर अभ्यर्थियों में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कई छात्रों का कहना है कि विस्तारित समय और त्वरित सहायता से आवेदन प्रक्रिया को लेकर तनाव कम होगा और वे परीक्षा की तैयारी पर अधिक ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। वहीं कामकाजी अभ्यर्थियों के लिए शाम के समय सहायता उपलब्ध होना विशेष रूप से लाभदायक साबित हो सकता है।
परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने की पहल
विशेषज्ञों के अनुसार यूपीएससी का यह कदम परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और विद्यार्थी हितैषी बनाने की दिशा में अहम प्रयास है। इससे अभ्यर्थियों में विश्वास बढ़ेगा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को सकारात्मक संदेश मिलेगा।
युवा प्रतिभाओं के लिए मजबूत समर्थन प्रणाली
यूपीएससी की यह पहल केवल तकनीकी सुविधा नहीं बल्कि देश की युवा प्रतिभाओं को सशक्त बनाने का प्रयास भी है। इससे अभ्यर्थियों को परीक्षा प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता मिलेगी और वे बेहतर तैयारी के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ सकेंगे।
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