प्रदेश रूचि

गणतंत्र दिवस बना संकल्प का पर्व, बालोद में बाल विवाह उन्मूलन की ऐतिहासिक सामूहिक शपथ

बालोद | जिला मुख्यालय बालोद में राष्ट्रीय पर्व गणतंत्र दिवस हर्ष, उल्लास और देशभक्ति के वातावरण में भव्य एवं गरिमामय ढंग से मनाया गया। मुख्य समारोह स्व. सरयू प्रसाद अग्रवाल स्टेडियम में आयोजित हुआ, जहाँ प्रदेश के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरू खुशवंत साहेब मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।


मुख्य अतिथि ने सुबह 9 बजे राष्ट्रीय ध्वज फहराया और कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा एवं पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के साथ परेड की सलामी ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गणतंत्र दिवस संदेश का वाचन किया गया। समारोह के दौरान शांति के प्रतीक श्वेत कपोत और उल्लास के प्रतीक रंग-बिरंगे गुब्बारे आकाश में छोड़े गए।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि ने बालोद जिले को राज्य का पहला बाल विवाह मुक्त जिला बनने पर प्रसन्नता व्यक्त की। इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के उन्मूलन के लिए सक्रिय सहभागिता निभाने की सामूहिक शपथ दिलाई गई।


समारोह में संजारी बालोद विधानसभा की विधायक संगीता सिन्हा, जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य यशवंत जैन सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। साथ ही प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्यामलाल नवरत्न, वनमंडलाधिकारी अभिषेक अग्रवाल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संजय सोनी, जिला पंचायत सीईओ सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों की मौजूदगी रही।


समारोह के दौरान सशस्त्र बल, पुलिस बल एवं स्कूली विद्यार्थियों द्वारा आकर्षक मार्चपास्ट किया गया। “राष्ट्रपति की जय” के उद्घोष और हर्ष फायर के साथ देशभक्ति का उत्साह चरम पर नजर आया। स्कूली विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर समां बांध दिया।


इस अवसर पर जिले के शहीद जवानों के परिजनों को शॉल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। परेड, झांकी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले दलों और संस्थाओं को भी सम्मानित किया गया। गणतंत्र दिवस का यह आयोजन लोकतांत्रिक मूल्यों, संविधान के प्रति आस्था और सामाजिक सहभागिता का सशक्त संदेश देता नजर आया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!