प्रदेश रूचि

मन की बात 130: वोटर से स्टार्टअप तक, भक्ति से भारत की गुणवत्ता क्रांति तक पीएम मोदी ने गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर देश को दिया प्रेरणादायी संदेश

नई दिल्ली गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ की 130वीं कड़ी में देशवासियों से संवाद करते हुए लोकतंत्र, नवाचार, गुणवत्ता, जन-भागीदारी और संस्कृति की ताकत को रेखांकित किया। साल 2026 के पहले ‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने मतदाता जागरूकता से लेकर स्टार्ट-अप इंडिया, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, श्रीअन्न और भारत की सांस्कृतिक विरासत तक कई अहम मुद्दों पर खुलकर बात की।


मतदाता लोकतंत्र की आत्मा
प्रधानमंत्री ने 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस बताते हुए युवाओं से अपील की कि 18 वर्ष की आयु पूरी करते ही वे मतदाता के रूप में पंजीकरण जरूर कराएं। उन्होंने कहा कि पहली बार वोटर बनने को उत्सव की तरह मनाया जाना चाहिए, ताकि लोकतंत्र के प्रति गर्व और जिम्मेदारी दोनों मजबूत हों।
स्टार्ट-अप इंडिया: युवाओं ने रचा इतिहास
प्रधानमंत्री ने स्टार्ट-अप इंडिया की 10 साल की यात्रा को याद करते हुए कहा कि आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्ट-अप इकोसिस्टम बन चुका है। AI, स्पेस, सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन, बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भारतीय युवा नई पहचान बना रहे हैं। उन्होंने युवाओं को देश का असली हीरो बताते हुए नवाचार को भारत के भविष्य की ताकत बताया।


क्वालिटी’ ही नया मंत्र
प्रधानमंत्री ने उद्योग और स्टार्ट-अप से जुड़े युवाओं से अपील की कि अब हर भारतीय उत्पाद की पहचान ‘टॉप क्वालिटी’ से होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा— अब “चल जाएगा” का दौर खत्म हो चुका है। टेक्सटाइल, टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर पैकेजिंग तक, हर क्षेत्र में उत्कृष्टता ही भारत की पहचान बने।
जन-भागीदारी से बदली तस्वीर
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में तमसा नदी के पुनर्जीवन से लेकर आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में जल संरक्षण के प्रयासों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब लोग कर्तव्य भाव से जुड़ते हैं, तो असंभव भी संभव हो जाता है। जन-भागीदारी भारत की सबसे बड़ी ताकत है।


भजन क्लबिंग’: परंपरा और आधुनिकता का संगम
प्रधानमंत्री ने युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रहे ‘भजन क्लबिंग’ ट्रेंड की सराहना करते हुए कहा कि आज की पीढ़ी भक्ति को नए अंदाज में जी रही है, लेकिन उसकी मर्यादा और भावनात्मक गहराई बनी हुई है। यह भारतीय संस्कृति की जीवंतता का प्रमाण है।

विदेशों में भी भारत की संस्कृति की गूंज
मलेशिया में भारतीय समुदाय द्वारा भाषा, संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखने के प्रयासों की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रवासी भारतीय भारत और दुनिया के बीच मजबूत सांस्कृतिक सेतु हैं।


परिवार और समाज की ताकत
गुजरात के एक गांव की सामूहिक रसोई, कश्मीर के शेखगुंड गांव में नशामुक्ति अभियान और पश्चिम बंगाल की सामाजिक संस्थाओं का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जब परिवार और समाज साथ आते हैं, तो बड़ी चुनौतियां भी हार मान लेती हैं।
स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की मिसाल
अरुणाचल, असम, बेंगलुरु और चेन्नई के युवाओं द्वारा चलाए गए स्वच्छता अभियानों और लाखों किलो कचरा साफ करने के प्रयासों की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि स्वच्छता एक निरंतर जन आंदोलन है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत 200 करोड़ से अधिक पौधरोपण को पर्यावरण संरक्षण की बड़ी उपलब्धि बताया।


श्रीअन्न बना नई पहचान
प्रधानमंत्री ने श्रीअन्न (मिलेट्स) को सेहत और किसान दोनों के लिए लाभकारी बताते हुए कहा कि महिला किसान समूह और किसान उत्पादक कंपनियां मिलेट्स को नए रूप में बाजार तक पहुंचा रही हैं। उन्होंने लोगों से सर्दियों में श्रीअन्न को अपने भोजन का हिस्सा बनाने की अपील की।

भारत बनेगा AI का वैश्विक केंद्र
प्रधानमंत्री ने फरवरी में होने वाले ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट’ का जिक्र करते हुए कहा कि यह सम्मेलन AI के क्षेत्र में भारत की प्रगति को दुनिया के सामने रखेगा।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री ने देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ‘मन की बात’ देश की सामूहिक शक्ति, उपलब्धियों और सकारात्मक बदलावों का उत्सव है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!