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बिजली विभाग की लापरवाही, ग्रिप विहीन ट्रांसफार्मर से जान जोखिम में, खेती प्रभावित

बालोद |जिला मुख्यालय से मात्र 3 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम मेढ़की में विद्युत वितरण व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई है। किसानों के पंप कनेक्शनों के लिए लगाए गए ट्रांसफार्मर के जंक्शन बॉक्स से तीन ग्रिप गायब हैं, इसके बावजूद विद्युत वितरण कंपनी खुले तारों से डायरेक्ट करंट सप्लाई देकर लोगों की जान से खिलवाड़ कर रही है।

ग्रिप नहीं होने के कारण ट्रांसफार्मर में अत्यधिक लोड पड़ रहा है, जिससे बार-बार फ्यूज उड़ने की स्थिति बन रही है। इसका सीधा असर किसानों की सिंचाई व्यवस्था पर पड़ रहा है। बिजली बाधित होते ही दर्जनों मोटर पंप बंद हो जाते हैं, जिससे किसान समय पर अपने खेतों में सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं।

हाई वोल्टेज का खतरा, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
ग्रिप विहीन ट्रांसफार्मर में खुले तारों से हाई वोल्टेज बिजली प्रवाहित हो रही है। यदि मरम्मत या किसी अन्य कारण से कोई व्यक्ति गलती से इसकी चपेट में आ गया, तो जानलेवा हादसा हो सकता है। इसके बावजूद विद्युत वितरण कंपनी द्वारा ग्रिप बदलने या स्थायी सुधार की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

नर्सरी तक नहीं तैयार कर पा रहे किसान
ग्रीष्मकालीन खेती की तैयारी शुरू हो चुकी है। रोपाई करने वाले किसान नर्सरी तैयार कर रहे हैं, लेकिन बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण वे चाहकर भी नर्सरी नहीं बना पा रहे हैं। इससे आगामी फसल उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है और किसान आर्थिक रूप से पिछड़ सकते हैं।

पहले भी की गई शिकायतें, नहीं हुई सुनवाई
ग्रामीणों का कहना है कि वे पहले भी कई बार विद्युत विभाग के अधिकारियों से मिलकर ट्रांसफार्मर की ग्रिप बदलवाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन हर बार उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया गया। विभागीय उदासीनता के चलते समस्या जस की तस बनी हुई है। किसान धनराज साहू, लक्ष्मीनारायण साहू, भारत साहू, कुलेश्वर साहू, श्यामलाल साहू और सुखराम ठाकुर ने बताया कि अधिकारी-कर्मचारी उनकी मांगों को लेकर गंभीर नहीं हैं, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है।

क्या कहते है जिम्मेदार
इस पूरे मामले पर जब प्रदेशरुचि संवाददाता विद्युत मंडल बालोद के कार्यपालन अभियंता एस.के. बंड से बात की गई तो उन्होंने कहा—“मेरे पास इस संबंध में अभी जानकारी नहीं है, दिखवाता हूं।” अब देखना होगा कि विभाग इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेता है, या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।

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