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धान खरीदी में सख्ती: लापरवाही और अनियमितता पर दो अधिकारी निलंबित

बालोद। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान धान उपार्जन कार्य में गंभीर लापरवाही, आर्थिक अनियमितता और नियम उल्लंघन के मामलों में बालोद जिले के दो अलग-अलग विकासखंडों में पदस्थ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में डौंडी विकासखंड के ग्राम साल्हे में पदस्थ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी और डौंडीलोहारा विकासखंड के धान उपार्जन केंद्र रानाखुज्जी के समिति प्रभारी को निलंबन का सामना करना पड़ा है।

किसान से अवैध वसूली का मामला, जांच में आरोप सिद्ध
डौंडी विकासखंड के ग्राम साल्हे में पदस्थ ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के खिलाफ किसान केशव राम साहू द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत के अनुसार किसान अपनी निजी भूमि की 125 बोरी धान ट्रैक्टर में भरकर बालोद मंडी विक्रय के लिए ले जा रहा था, तभी रास्ते में अधिकारी द्वारा वाहन रुकवाकर अवैध रूप से 50 हजार रुपये की मांग की गई।


मामले की प्रारंभिक जांच अनुविभागीय कृषि अधिकारी बालोद द्वारा की गई। जांच प्रतिवेदन में यह तथ्य सामने आया कि 15 हजार रुपये यूपीआई के माध्यम से संबंधित अधिकारी के खाते में अंतरण किया गया था। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 का स्पष्ट उल्लंघन माना गया। इसके आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम 9(1) के तहत तत्काल निलंबन की कार्रवाई की गई।

उपार्जन केंद्र रानाखुज्जी में आर्थिक अनियमितता उजागर
दूसरी ओर, धान उपार्जन केंद्र रानाखुज्जी की संयुक्त जांच में समिति प्रभारी द्वारा कार्य के प्रति घोर लापरवाही, आर्थिक अनियमितता और शासन की समर्थन मूल्य योजना के नियमों के उल्लंघन के गंभीर तथ्य सामने आए। सहकारिता विभाग, खाद्य विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की संयुक्त जांच टीम की रिपोर्ट में समिति और शासन को आर्थिक क्षति की स्थिति स्पष्ट रूप से दर्शाई गई।

जांच प्रतिवेदन के आधार पर छत्तीसगढ़ सहकारी सोसायटी अधिनियम 1960 एवं प्राथमिक कृषि साख सहकारी संस्थाओं के सेवायुक्तों के लिए जारी सेवानियम 2018 के नियम 16 के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके बाद 22 जनवरी 2026 को हुई बैठक के प्रस्ताव के अनुसार समिति प्रभारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

प्रशासन का सख्त संदेश
जिला प्रशासन की यह कार्रवाई साफ संदेश देती है कि धान खरीदी जैसे संवेदनशील और किसानों से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही, भ्रष्टाचार या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शासन की योजनाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने और किसानों के हितों की रक्षा के लिए आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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