
समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. ममता साहू ने कहा कि महिलाओं का शिक्षित और आत्मनिर्भर होना परिवार के साथ-साथ पूरे समाज के विकास की पहली सीढ़ी है। उन्होंने महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और शासन की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लेकर उनका लाभ उठाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास और बेहतर पोषण में आंगनबाड़ी केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ग्रामीण अपने बच्चों को नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्र भेजें, ताकि उन्हें प्रारंभिक शिक्षा, पोषण और विकास से जुड़ी सुविधाओं का समुचित लाभ मिल सके।

कार्यक्रम में नगर पालिका बालोद अध्यक्ष प्रतिभा चौधरी, जनपद सदस्य गुंडरदेही टुकेश्वरी साहू, ग्राम पंचायत बोडेना की सरपंच प्रेमी तलाम, क्रान्तिभूषण साहू, धनाराम साहू, लक्ष्मी साहू और कांति साहू मौजूद रहे। अतिथियों ने भी महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाओं को गांवों में प्रभावी ढंग से लागू करने और अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक उनका लाभ पहुंचाने पर जोर दिया।
इस अवसर पर नायब तहसीलदार गुंडरदेही अल्पा साहू, महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी खलेश्वरी नाग और संरक्षण अधिकारी हितेश्वरी मेश्राम भी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत बोडेना के सभी वार्ड पंच, सेक्टर पर्यवेक्षक रीना लहरे, तामेश्वरी भुवार्य, टिकेश्वर भुवार्य, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं एवं नागरिक शामिल हुए।













