यह आयोजन पिछले आठ वर्षों से प्रतिवर्ष धनतेरस के दिन किया जाता रहा है, लेकिन इस बार इसे दो दिन पूर्व आयोजित किया गया। उद्देश्य वही — उन गरीब, निशक्त, दिव्यांग और निराश्रित जनों के जीवन में दिवाली की खुशी जगाना, जिनके घर आज भी रोशनी का साधन नहीं है।

अतिथियों ने किया गरीबों का पांव पखारकर सम्मान
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने गो माता पूजन और भगवान धनवंतरी व गुरु नारायण आराधना से की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थीं तारिणी पुष्पेंद्र चंद्राकर, अध्यक्ष जिला पंचायत बालोद। अध्यक्षता मुकेश कौडो, अध्यक्ष जनपद पंचायत डौंडी ने की।
विशेष अतिथियों में पुष्पेंद्र चंद्राकर, भोला नेताम, मोहंनतिन चोरका (अध्यक्ष, नगर पंचायत डौंडी), दिनेश अग्रवाल, तुलेश्वर हिचामी और रूपेश तारम उपस्थित रहे।
अतिथियों ने 175 जरूरतमंदों — जिनमें 152 महिलाएं और 23 पुरुष शामिल थे — का पांव पखारकर तिलक, आरती और सामग्री वितरण कर सम्मान किया। इस भावनात्मक पल में मंच पर मौजूद कई लोगों की आंखें नम हो गईं।
गोसेवा से आत्मिक संतोष की प्राप्ति : तारिणी चंद्राकर
मुख्य अतिथि तारिणी पुष्पेंद्र चंद्राकर ने कहा कि गोसेवा से आत्मिक संतोष और आध्यात्मिक शक्ति दोनों प्राप्त होती है। उन्होंने गोशाला में सीमेंटीकरण कार्य अपने मद से कराने की घोषणा भी की।

वहीं, डॉ. पुरुषोत्तम सिंह राजपूत (पंचगव्य चिकित्सा प्रांत प्रमुख एवं जिला गोसेवा आयोग सदस्य) ने कहा — “सनातन धर्म अनादि है, सृष्टि के साथ उद्भव हुआ है। समुद्र मंथन में धनवंतरी से पहले कामधेनु का प्रादुर्भाव हुआ, इसलिए आयुर्वेद की जड़ गाय है। गौ सेवा से ही धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति संभव है।”
नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर में मिला लाभ
आयोजन के दौरान किसलय होम्यो एवं आयुर्वेद एजेंसी द्वारा विशाल नाड़ी परीक्षण शिविर लगाया गया, जिसमें वात, स्त्री रोग, चर्म रोग, साइटिका, शुगर, रक्तचाप आदि के मरीजों को नि:शुल्क जांच और औषधि दी गई। सेवा कार्य में डॉ. पुरुषोत्तम सिंह राजपूत और डॉ. टेमीन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

सेवाभाव ही सच्ची दीपावली
आयोजन में योग वेदांत समिति से पवन यदु, भागवत साहू, चुम्मन हिरवाणी, डामन भुआर्य, प्रमोद साहू, ऋषि प्रसाद तथा गोशाला समिति से हिंछा साहू, छगन यदु, माली जी, जीवन धनकर, देलु पटेल सहित अनेक सेवादारों ने योगदान दिया।
कार्यक्रम के अंत में विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जहां सेवा, करुणा और आस्था का दीप हर चेहरे पर चमक रहा था।




















