दिनभर बाजारों में रौनक देखने को मिली। पारंपरिक मान्यता के अनुसार सोना, चांदी, तांबा और पीतल की वस्तुएं खरीदने वालों की भीड़ रही। जिलेभर में अनुमानित रूप से लाखों रुपए का कारोबार हुआ। इलेक्ट्रॉनिक, बर्तन और ऑटोमोबाइल सेक्टर में खासा व्यापार हुआ, वहीं शाम ढलते ही बाजार अपने शबाब पर था।

सोने की कीमतों का असर, सराफा बाजार में मंदी
पंडितों के अनुसार धनतेरस पर धातु की खरीदी शुभ मानी जाती है, लेकिन इस बार सोने की कीमत ₹1 लाख प्रति तोला पार होने से सराफा कारोबार पर असर पड़ा। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार सोने-चांदी की बिक्री में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि पीतल, तांबा और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं की खरीदी ने इसकी भरपाई कर दी।

बर्तन और कपड़ों की दुकानों में रही भारी भीड़
धनतेरस के अवसर पर शहर के बर्तन, कपड़ा और इलेक्ट्रॉनिक बाजार में लोगों की जबरदस्त भीड़ रही। दुकानदारों ने ग्राहकों को लुभाने के लिए आकर्षक ऑफर और लेटेस्ट डिजाइन उपलब्ध कराए। “एक खरीदो एक फ्री”, “लकी कूपन” जैसे स्कीमों से ग्राहकों का उत्साह दोगुना हो गया। कपड़ों की दुकानों में भी त्योहार के अनुरूप ग्राहकों की भीड़ उमड़ी।
ऑटोमोबाइल सेक्टर में दर्जनों वाहनों की बिक्री
धनतेरस के शुभ मुहूर्त पर ऑटोमोबाइल क्षेत्र में भी अच्छी बिक्री हुई। नगर के गणपति मोटर्स सहित अन्य दुकानों में नई मोटरसाइकिलों की बुकिंग की गई। वाहन खरीदारों ने शुभ अवसर का लाभ उठाते हुए नए वाहन की डिलीवरी ली।
पटाखा बाजार में भी रही रौनक
सदर पटेल मैदान में लगे पटाखा बाजार में बच्चों के साथ परिजनों की भीड़ देखी गई। बच्चे अपनी पसंद के फुलझड़ी, अनार, चकरी, रॉकेट आदि खरीदते नजर आए।

ट्रैफिक व्यवस्था रही चुनौतीपूर्ण
धनतेरस पर जिला मुख्यालय बालोद में सुबह से ही भारी भीड़ रही। सदर रोड, धडी चौक और हलधर योगी चौक क्षेत्र में वाहनों की आवाजाही के चलते कई बार जाम की स्थिति बनी। यातायात पुलिस ने बड़े वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाकर व्यवस्था बनाए रखने की कोशिश की, बावजूद इसके दिनभर आवाजाही में परेशानी बनी रही।

पांच दिवसीय दीपोत्सव की औपचारिक शुरुआत
तेरह दीपों की ज्योति के साथ पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत हो चुकी है। घर-आंगन, गलियां और बाजार दीपों से जगमगा उठे। श्रद्धा और उल्लास के साथ लोगों ने धनतेरस पर्व का स्वागत किया।




















