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भगवान राम और छत्तीसगढ़ का रिश्ता बताया मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने – कहा, यह हमारी आस्था की भूमि है

छत्तीसगढ़ का सौभाग्य है भगवान राम का ननिहाल होना: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

बालोद। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की यह पुण्यभूमि माता कौशल्या की जन्मस्थली और भगवान श्रीराम का ननिहाल होना हम सबके लिए गर्व और सौभाग्य की बात है। वे सोमवार को बालोद जिले के डौंडीलोहारा ब्लॉक के ग्राम बड़े जुंगेरा स्थित मां कौशल्या धाम, जामड़ी पाटेश्वर आश्रम में आयोजित शरद पूर्णिमा महोत्सव एवं श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए।

मुख्यमंत्री ने कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप और सांसद भोजराज नाग के साथ पहुंचकर संत रामकृष्णदास महात्यागी और संत राम जानकीदास महात्यागी को श्रद्धांजलि दी और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।
इस दौरान उन्होंने समाधि स्थल पर पूजा-अर्चना कर दोनों संतों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की।

भगवान राम का वनवास छत्तीसगढ़ से गहराई से जुड़ा

साय ने कहा कि भगवान राम ने अपने 14 वर्ष के वनवास में से अधिकांश समय छत्तीसगढ़ की धरती पर बिताया, जो हमारे लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि “मुझे सौभाग्य प्राप्त हुआ कि मैं मचान वाले बाबा, संत रामकृष्णदास महात्यागी के दर्शन कर सका — पहले अपने विधानसभा क्षेत्र में और बाद में दिल्ली में भी उनके आश्रम में।”

राज्य के विकास को लेकर मुख्‍यमंत्री ने रखी अपनी बात

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने प्रधानमंत्री मोदी की गारंटी के तहत किए गए वादों को पूरा किया है। छत्तीसगढ़ को विकसित, आत्मनिर्भर और सुख-समृद्ध राज्य बनाने के लिए निरंतर कार्य जारी है। उन्होंने कहा, “हमारी कोशिश है कि बस्तर को प्राकृतिक सौंदर्य और शांति का प्रतीक बनाकर वहां विकास की गंगा प्रवाहित करें। रत्नगर्भा भूमि छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा का संरक्षण और संवर्धन कर हम इसे देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की दिशा में काम कर रहे हैं।”

साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती धन्य है जहां संत महापुरुषों का आशीर्वाद सदैव बना रहता है।

संत बालकदास महात्यागी ने बताया ‘मां कौशल्या मंदिर’ का महत्व

कार्यक्रम में मां कौशल्या धाम के संचालक संत राम बालकदास महात्यागी ने बताया कि जामड़ी पाटेश्वर आश्रम में निर्मित मां कौशल्या मंदिर दुनिया का एकमात्र मंदिर है जो भगवान राम की जननी को समर्पित है।
उन्होंने कहा कि संत रामकृष्णदास महात्यागी ने वनवासी क्षेत्र के लोगों के बीच जागरूकता और सेवा का जो कार्य किया, वह आज भी प्रेरणादायक है।

संत बालकदास ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के आश्रम से जुड़ाव और श्रद्धा की सराहना करते हुए कहा कि उनका आगमन आश्रम के लिए सौभाग्य का क्षण है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे उपस्थित

इस मौके पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय, विधायक पुरंदर मिश्रा, जिला पंचायत अध्यक्ष तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर, यशवंत जैन, देवलाल ठाकुर, चेमन देशमुख, लाल निमेंद्र सिंह टेकाम, राकेश यादव, यज्ञदत्त शर्मा, केसी पवार समेत अनेक जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु मौजूद थे। कार्यक्रम में दुर्ग रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, मुख्य वन संरक्षक मर्सी बेला, वनमंडलाधिकारी अभिषेक अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ सुनील चंद्रवंशी और अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

 

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