बालोद। जिले के दुधली (मालीघोरी) गांव में अवैध शराब कारोबार को लेकर गुरुवार रात हुए बवाल के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रेस विज्ञप्ति जारी कर पुलिस ने बताया कि मुखबिर सूचना और ग्रामीणों की शिकायत पर छापेमारी करते हुए मुख्य आरोपी त्रिलोक गौतम समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। आरोपियों के पास से कुल 498 पौवा देशी शराब (89.460 बल्क लीटर), एक कार, एक स्कूटी और 2,150 रुपये नकद जब्त किए गए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत 1,11,910 रुपये आंकी गई है।
ऐसे हुआ खुलासा
गांधी जयंती और दशहरा पर्व पर शुष्क दिवस होने के बावजूद दुधली गांव और आसपास में खुलेआम शराब बिक्री की शिकायतें सामने आई थीं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि त्रिलोक गौतम अपने घर और आसपास की जगहों पर अवैध शराब का कारोबार करता है तथा बिहार और जम्मू-कश्मीर से युवकों को गुर्गों के तौर पर हायर कर रखा था। जब ग्रामीणों ने अवैध शराब की बिक्री पर सवाल उठाया तो विवाद मारपीट में बदल गया और पूरे गांव में तनाव फैल गया।
ग्रामीणों ने इस घटना की जानकारी पुलिस को दी। दबाव बढ़ने पर पुलिस ने रात में छापा मारते हुए आरोपी त्रिलोक गौतम, उसका बेटा खिलेश गौतम, संतोष टंडन, कालू उर्फ राहुल अग्रवाल और एक नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत अपराध दर्ज कर आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस की ओर से सफलता का दावा
पुलिस ने इस कार्रवाई को “नशे के विरुद्ध अभियान” की बड़ी सफलता बताया है। इस ऑपरेशन में थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा सहित पुलिस की विशेष टीम की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री और तस्करी पर लगातार अभियान जारी रहेगा।
लेकिन सवालों के घेरे में जिम्मेदार
हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि वे लंबे समय से पुलिस और आबकारी विभाग को अवैध कारोबार की जानकारी देते रहे थे, लेकिन हर बार सिर्फ औपचारिक कार्रवाई कर मामले को दबा दिया जाता था। यही वजह है कि 2 अक्टूबर की रात विवाद भड़क गया और मामला पुलिस तक पहुंचा।
अब भी जारी है अवैध कारोबार
पुलिस की कार्रवाई के बावजूद जिले में अवैध शराब की बिक्री पूरी तरह थमी नहीं है। सूत्रों के अनुसार, बालोद जिला मुख्यालय के बस स्टैंड स्थित पान ठेला और होटल—जो पुलिस सहायता केंद्र से महज 10-10 मीटर की दूरी पर हैं—वहां आज भी अधिक दामों पर शराब बिक रही है। ग्रामीण और जागरूक नागरिक सवाल उठा रहे हैं कि जब पुलिस बड़े-बड़े दावे कर रही है, तो मुख्यालय के बीचों-बीच हो रही इस खुलेआम बिक्री पर क्यों कार्रवाई नहीं हो रही।
अब बड़ी चुनौती
ग्रामीणों का मानना है कि पुलिस की यह कार्रवाई तभी सफल मानी जाएगी जब जिलेभर में फैले अवैध शराब के नेटवर्क पर ठोस और स्थायी शिकंजा कसा जाए। दुधली की घटना ने न केवल शराब माफियाओं की हकीकत उजागर की है, बल्कि बालोद जिले के आबकारी विभाग की भी भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।क्योंकि इतने बड़े पैमाने शराब दुकानों से शराब की निकासी बिना सेटिंग के संभव नहीं हो सकती है।
प्रदेशरुचि ने अवैध शराब के खिलाफ मुहिम छेड़ी है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
यदि आपके आसपास भी अवैध शराब की बिक्री हो रही है तो उसकी पुख्ता जानकारी हमें 9406208242 और 7000553221 पर उपलब्ध कराएं।
आपकी दी गई जानकारी न सिर्फ खबर बनेगी बल्कि जिले में इस गोरखधंधे को रोकने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगी।




















