
उन्होंने नोटबंदी और जीएसटी को इसी खतरे का उदाहरण बताया और कहा कि भारत चीन की तरह तानाशाही मॉडल पर नहीं चल सकता, यहां विविधता ही सबसे बड़ी ताक़त है।
भाजपा का तीखा पलटवार
राहुल गांधी के इस बयान पर भाजपा ने पलटवार किया।

सुधांशु त्रिवेदी का निशाना
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने भी राहुल गांधी पर करारा हमला बोला।
उन्होंने कहा कि “राहुल गांधी बार-बार विदेश जाकर वही बातें दोहराते हैं जिन्हें भारत की जनता नकार चुकी है। विपक्ष का नेता बनने के लिए सिर्फ पद नहीं, बल्कि जिम्मेदारी की परिपक्वता भी चाहिए। लेकिन राहुल गांधी हर बार अपनी अपरिपक्वता का परिचय देते हैं।”
त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस विदेशी ताक़तों को खुश करने के लिए भारत के लोकतंत्र पर प्रश्नचिह्न लगाती है, जबकि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में लोकतांत्रिक संस्थाएँ और अधिक मज़बूत हुई हैं।

भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने इसे “विदेशी मंच से भारत का अपमान” करार दिया, वहीं वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि भारत में लोकतंत्र पूरी तरह सुरक्षित है और जनता ने कई बार मोदी सरकार पर भरोसा जताकर इसका प्रमाण दिया है।
भाजपा ने राहुल गांधी को “भारत को बदनाम करने वाला नेता” बताते हुए कहा कि विपक्ष के नेता के रूप में उन्हें जिम्मेदारी निभानी चाहिए, न कि विदेश में देश की छवि धूमिल करनी चाहिए।

छत्तीसगढ़ में भी गूंज – भाजपा महामंत्री यशवंत जैन का बयान
राहुल गांधी के इस बयान का असर छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी दिखाई दिया। भाजपा प्रदेश महामंत्री यशवंत जैन ने कहा –“राहुल गांधी कोलंबिया जाकर यह कहते हैं कि भारत में लोकतंत्र खतरे में है, जबकि हक़ीक़त यह है कि कांग्रेस का अपना लोकतंत्र खतरे में है। कांग्रेस पार्टी में पारदर्शिता और आंतरिक लोकतांत्रिक व्यवस्था खत्म हो चुकी है, वहीं देश की जनता ने नरेंद्र मोदी को लगातार तीसरी बार पूर्ण बहुमत देकर लोकतंत्र की ताक़त का अहसास करा दिया है। राहुल गांधी का यह बयान न सिर्फ गैर-जिम्मेदाराना है बल्कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के करोड़ों मतदाताओं का अपमान भी है।”
यशवंत जैन ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार के दौरान लोकतंत्र का गला घोंटने वाले फैसले बार-बार देखने को मिले, लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद पारदर्शिता और जवाबदेही को मज़बूती मिली है।
राजनीतिक असर
राहुल गांधी का यह बयान और भाजपा का तीखा जवाब राष्ट्रीय राजनीति के साथ छत्तीसगढ़ की राजनीति को भी गर्म कर गया है।
कांग्रेस इसे लोकतंत्र की रक्षा का सवाल बताकर जनसमर्थन जुटाना चाह रही है।
भाजपा राहुल गांधी पर “विदेश में भारत का अपमान” करने का आरोप लगाकर पलटवार कर रही है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि राहुल गांधी के इस बयान ने बिहार में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव और स्थानीय राजनीति में भी बहस को हवा दे दी है। बिहार जैसे राज्यों में भाजपा इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएगी, जबकि कांग्रेस इसे केंद्र सरकार के खिलाफ अभियान में बदलना चाहेगी।




















