जिला कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने शुक्रवार को गांव का दौरा किया और झंडा निर्माण में जुटी महिलाओं के काम को देखा। उन्होंने महिलाओं के जज्बे और मेहनत की दिल खोलकर सराहना की और कहा कि यह काम सिर्फ तिरंगे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी एक बड़ी पहल है।

बघमरा में जय कपीलेश्वर, सरस्वती, जय अंबे और नव ज्योति स्व सहायता समूह की 20 महिलाएं मिलकर तिरंगे बना रही हैं। अब तक वे 6,000 से ज्यादा झंडे तैयार कर चुकी हैं, जिनकी बिक्री से करीब 2 लाख रुपये की आमदनी हो चुकी है। हर झंडा 35 रुपये में बेचा जा रहा है। इस आमदनी ने जहां उनके घरों में आर्थिक संबल दिया है, वहीं गांव की दूसरी महिलाओं को भी प्रेरित किया है।
कलेक्टर मिश्रा ने निर्माण की लागत, बिक्री और गुणवत्ता से जुड़ी जानकारी भी ली और समूहों के काम को “प्रेरणादायक” बताया। उन्होंने सभी जिलावासियों से अपील की कि इस स्वतंत्रता दिवस पर हर घर में तिरंगा जरूर फहराएं।
इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ सुनील चंद्रवंशी, जनपद पंचायत सीईओ जेएस राजपूत और अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
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