बालोद। राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस के अवसर पर बालोद जिले में प्रशासनिक सेवाओं के प्रति सम्मान और जनसेवा के संकल्प का प्रेरक दृश्य देखने को मिला। जिले में सफलतापूर्वक एक वर्ष का कार्यकाल पूर्ण करने पर जिला प्रेस क्लब बालोद के पदाधिकारियों एवं सदस्य पत्रकारों ने मंगलवार को कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी तथा वन मंडलाधिकारी अभिषेक अग्रवाल से सौजन्य मुलाकात कर उन्हें गुलदस्ता भेंट करते हुए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
यह अवसर केवल सम्मान का नहीं, बल्कि प्रशासन और मीडिया के बीच सकारात्मक संवाद का भी प्रतीक बना। मुलाकात के दौरान जिले के विकास, शहर की आवश्यकताओं, पर्यावरण संरक्षण, जल संकट और सामाजिक सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बालोद की शांतिप्रिय पहचान पर कलेक्टर ने जताया गर्व
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने इस अवसर पर कहा कि बालोद जिला अपनी शांतिप्रिय छवि, सामाजिक सौहार्द और जागरूक नागरिकों के कारण विशेष पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि यहां के लोग सहयोगी, संवेदनशील और विकासोन्मुख सोच रखने वाले हैं, जिसके कारण प्रशासनिक योजनाओं को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारने में मदद मिलती है।
उन्होंने कहा कि किसी भी जिले के विकास में प्रशासन और नागरिकों की साझेदारी सबसे महत्वपूर्ण होती है, और बालोद इस दृष्टि से एक आदर्श जिला बनकर उभर रहा है।
भीषण गर्मी में पशु-पक्षियों की चिंता, प्रेस क्लब करेगा विशेष अभियान
जिला प्रेस क्लब अध्यक्ष संतोष साहू ने जिले में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच पशुओं और पक्षियों को हो रही पानी की समस्या का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि वर्तमान मौसम में सबसे अधिक परेशानी बेजुबान मवेशियों और खुले आसमान में रहने वाले पक्षियों को झेलनी पड़ रही है।
इसी को ध्यान में रखते हुए जिला प्रेस क्लब द्वारा शहर के विभिन्न हिस्सों में पशुओं के लिए कोटना तथा पक्षियों के लिए मटकी और जलपात्र रखने का विशेष जनसेवा अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक सरोकारों से जुड़े ऐसे प्रयासों में आमजन, सामाजिक संस्थाओं और प्रशासन की भागीदारी बेहद आवश्यक है।
कलेक्टर ने स्वीकारा आमंत्रण, कार्यक्रम में आने की जताई सहमति
जिला प्रेस क्लब अध्यक्ष संतोष साहू ने आगामी जनहितकारी अभियान में शामिल होने के लिए कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा को आमंत्रित किया। कलेक्टर ने इस पहल की सराहना करते हुए आमंत्रण स्वीकार किया तथा कार्यक्रम में शामिल होने की सहमति प्रदान की।
कलेक्टर ने कहा कि समाज में संवेदनशीलता और जनभागीदारी से ही सकारात्मक परिवर्तन संभव है। पशु-पक्षियों के संरक्षण और जल उपलब्धता जैसे विषय केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी हैं।
शहर में पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था पर प्रशासन की पहल
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने बताया कि शहर के अलग-अलग स्थानों पर मवेशियों के लिए पानी की स्थायी व्यवस्था करने पर भी विचार किया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों की बैठक बुलाने की योजना बनाई जा रही है, ताकि सामूहिक प्रयास से गर्मी के मौसम में राहत पहुंचाई जा सके।
उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े परिणाम दे सकते हैं, यदि समाज और प्रशासन मिलकर कार्य करें।

गिरते जलस्तर पर चिंता, वॉटर हार्वेस्टिंग पर दिया जोर
कलेक्टर ने जिले में लगातार कम हो रहे जलस्तर पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भविष्य में जल संकट से बचने के लिए अभी से ठोस कदम उठाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि वॉटर हार्वेस्टिंग, वर्षा जल संचयन, तालाब संरक्षण और भूजल पुनर्भरण जैसे उपायों को जनअभियान का रूप देना होगा। यदि वर्षा के पानी को धरती के भीतर पहुंचाने की व्यवस्था की जाए तो जलस्तर को काफी हद तक सुधारा जा सकता है।
प्रशासन और मीडिया का सकारात्मक समन्वय
यह मुलाकात प्रशासन और मीडिया के स्वस्थ संबंधों का भी प्रतीक बनी। पत्रकारों ने जहां जनसमस्याओं और सामाजिक सरोकारों के मुद्दे उठाए, वहीं प्रशासन ने उन्हें गंभीरता से सुनते हुए समाधान के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त किया।
लोकतंत्र में मीडिया और प्रशासन दोनों की भूमिकाएं अलग-अलग होते हुए भी जनहित के उद्देश्य में एक-दूसरे की पूरक मानी जाती हैं। बालोद में यह समन्वय निरंतर मजबूत होता दिखाई दे रहा है।
इस दौरान जिला प्रेस क्लब के संरक्षक अफजल रिजवी, रवि भूतड़ा, संजय दुबे, अध्यक्ष संतोष साहू, राहुल भूतड़ा, अखिल साहू, दुर्गा शंकर साहू, नरेश श्रीवास्तव, जगेश्वर सिन्हा, धनाराम साहू, सुप्रीत शर्मा, जगन्नाथ साहू, ऋषभ सिन्हा सहित जिला प्रेस क्लब के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
जनसेवा के संकल्प का प्रेरक संदेश
राष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस पर आयोजित यह सम्मान समारोह केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनसेवा, संवेदनशील प्रशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व और सहयोगात्मक विकास का संदेश देने वाला अवसर साबित हुआ। बालोद में प्रशासन और समाज की यह साझेदारी आने वाले समय में जिले को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।




















