‘‘हर घर तिरंगा, हर घर स्वच्छता: स्वतंत्रता का उत्सव, स्वच्छता के संग’’
रायपुर।देश की 79वीं स्वतंत्रता वर्षगांठ पर छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में ‘‘हर घर तिरंगा’’ अभियान 2 से 15 अगस्त तक व्यापक स्तर पर मनाया जाएगा। यह अभियान इस बार केवल ध्वजवंदन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्वच्छता और जल संरक्षण के संदेश के साथ जनभागीदारी का उत्सव भी बनेगा। आयोजन को तीन चरणों में विभाजित किया गया है।
तीन चरणों में होगा आयोजन
कार्यक्रम के पहले चरण (2 से 8 अगस्त) में स्कूलों और सार्वजनिक स्थलों को तिरंगा रंगों से सजाया जाएगा। रंगोली, पोस्टर, क्विज़, पत्र लेखन और तिरंगा राखी निर्माण जैसी रचनात्मक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
दूसरे चरण (9 से 12 अगस्त) में ‘‘तिरंगा मेला’’ और ‘‘तिरंगा कंसर्ट’’ होंगे, जिसमें जनप्रतिनिधियों, खिलाड़ियों और कलाकारों की भागीदारी रहेगी। देशभक्ति गीतों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ तिरंगा रैली, बाइक व साइकिल रैली भी आयोजित की जाएगी।
तीसरे चरण (13 से 15 अगस्त) में सरकारी भवनों, पुलों, कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों, होटलों और प्रमुख स्थलों पर तिरंगा फहराया जाएगा। साथ ही सफाई अभियान और जल संरक्षण गतिविधियों का भी आयोजन किया जाएगा।
जनभागीदारी पर रहेगा फोकस
सरकार ने इस कार्यक्रम में आम नागरिकों, स्व-सहायता समूहों, सामाजिक संगठनों और निजी संस्थानों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। ग्राम पंचायतों में तिरंगा बिक्री केंद्र स्थापित किए जाएंगे। डाकघर और उचित मूल्य की दुकानें तिरंगे के वितरण में सहयोग करेंगी।
प्रचार-प्रसार की व्यापक तैयारी
‘‘हर घर तिरंगा’’ अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए पंपलेट, बैनर, स्टैंडीज़ सहित स्थानीय भाषाओं में सामग्री तैयार की गई है। साथ ही वेबसाइट www.harghartiranga.com और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से कार्यक्रम की सभी गतिविधियां जोड़ी जाएंगी। टोल प्लाज़ा, चेक पोस्ट व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर स्टीकर और जानकारी बांटी जाएगी।
जिला कलेक्टरों को मिले दिशा-निर्देश
संस्कृति विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टरों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जनप्रतिनिधियों, नगरीय निकायों, पंचायत प्रतिनिधियों और शासकीय अधिकारियों की सहभागिता से इसे जनांदोलन का रूप देने की योजना है।
तिरंगे का सम्मान करते हुए झंडा संहिता का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज को सही ढंग से फहराने और उसके प्रतीकों का आदर करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।




















