बालोद, जिले में संचालित और बंद खदानों की सुरक्षा को लेकर कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी खदानों के चारों ओर फेंसिंग या बाउंड्री वॉल बनाकर सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, जिससे किसी भी अनधिकृत व्यक्ति का प्रवेश न हो सके।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि खदान क्षेत्रों में खतरे की आशंका को देखते हुए चेतावनी संकेतक, सुरक्षा मानकों की जानकारी और खदान की गहराई संबंधी जानकारी देने वाले बोर्ड लगाए जाएं। इसके साथ ही आम लोगों और मवेशियों की आवाजाही रोकने के लिए निजी सुरक्षा गार्ड (चौकीदार) की तैनाती के निर्देश भी दिए गए हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि जिन खदानों की अवधि समाप्त हो चुकी है, उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी निजी जमीनों के मामलों में पूर्व पट्टेदार या जमीन मालिक की होगी, जबकि शासकीय जमीन पर यह जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की होगी। वहीं, ब्लास्टिंग के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन और बंद खदानों में माइन क्लोजर प्लान को अनिवार्य रूप से लागू करने को भी जरूरी बताया गया है।
कलेक्टर मिश्रा ने सभी एसडीएम, खनिज अधिकारी, जिला उद्योग केंद्र और जनपद पंचायतों के सीईओ को निर्देश जारी करते हुए कहा कि खदानों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को जागरूक किया जाए, खासकर स्कूलों, आंगनबाड़ी और शासकीय संस्थानों के बच्चों को इन इलाकों में जाने से रोका जाए। ग्राम सभा और पंचायत बैठकों में खदानों से जुड़ी सुरक्षा जानकारी साझा की जाए।
साथ ही, खदान क्षेत्रों में मेड़बंदी कर पौधारोपण करने के भी निर्देश दिए गए हैं, जिससे पर्यावरण संतुलन के साथ-साथ सुरक्षा भी बनी रहे।




















