दीपक बैज ने कहा कि इस बार घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली शुल्क में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट, गैर-घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तथा किसानों के कृषि पंपों की बिजली दरों में भी 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में अब तक बिजली दरों में कुल 31.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जा चुकी है। हाल ही में सरकार ने 12 प्रतिशत विद्युत ईंधन अधिभार लगाकर भी जनता पर अतिरिक्त बोझ डाला है। इसके विपरीत कांग्रेस सरकार के पांच वर्षों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस दौरान बिजली दरों में केवल दो पैसे की वृद्धि की गई थी और 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना लागू थी, जिससे आम लोगों को बड़ी राहत मिलती थी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने बिजली दर वृद्धि और स्मार्ट मीटर के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा करते हुए बताया कि 17 जून को प्रदेश के सभी जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ता बिजली कार्यालयों का घेराव करेंगे और मुख्यमंत्री, जो स्वयं बिजली मंत्री भी हैं, उनका पुतला दहन किया जाएगा। इसके बाद 18 जून को जिला मुख्यालयों में पत्रकार वार्ताएं आयोजित कर जनता के बीच इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया जाएगा। वहीं जुलाई के प्रथम सप्ताह में कांग्रेस कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर आवेदन भरवाएंगे और स्मार्ट मीटर हटाने की मांग को लेकर व्यापक जनअभियान चलाएंगे।
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि राज्य का बिजली विभाग उपभोक्ताओं को बिल के नाम पर लूटने में लगा हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों से लोगों को सामान्य बिल की तुलना में तीन से चार गुना अधिक राशि के बिल भेजे जा रहे हैं। कई उपभोक्ताओं को एक ही महीने में ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से अलग-अलग बिल प्राप्त हो रहे हैं, जबकि उनकी सहमति के बिना बिजली कनेक्शन का अनुबंध भार भी बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटरों के जरिए वास्तविक खपत से अधिक रीडिंग दर्ज की जा रही है, जिसके आधार पर अनुबंध भार बढ़ाकर अर्थदंड सहित भारी-भरकम बिल भेजे जा रहे हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने दावा किया कि जून माह में 45 लाख से अधिक बिजली उपभोक्ताओं के बिल औसत से तीन गुना तक बढ़कर आए हैं, जिससे आम जनता परेशान है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता एक ओर बिजली कटौती से जूझ रही है तो दूसरी ओर सरकार अनाप-शनाप बिजली बिल भेज रही है। उन्होंने भाजपा सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार महतारी वंदन योजना के तहत एक हजार रुपये देती है और बिजली बिल के माध्यम से चार हजार रुपये तक की वसूली कर लेती है।
दीपक बैज ने कहा कि बढ़े हुए बिजली बिलों के पीछे तीन प्रमुख कारण हैं—बिजली दरों में लगातार की गई वृद्धि, 400 यूनिट तक लागू बिजली बिल हाफ योजना का बंद होना और स्मार्ट मीटरों द्वारा वास्तविक खपत से अधिक रीडिंग दर्ज किया जाना। उन्होंने आरोप लगाया कि अडानी समूह की कंपनी के स्मार्ट मीटर प्रदेश में लगाए जा रहे हैं और उत्तर प्रदेश में वहां की भाजपा सरकार स्मार्ट मीटर वापस लेने का निर्णय ले चुकी है। ऐसे में छत्तीसगढ़ सरकार को भी जनहित में स्मार्ट मीटर वापस लेना चाहिए।

पत्रकार वार्ता को वरिष्ठ कांग्रेस नेता धनेन्द्र साहू और पूर्व मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने भी संबोधित करते हुए बिजली दर वृद्धि को जनविरोधी निर्णय बताया। इस दौरान पूर्व मंत्री अमितेश शुक्ल, प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, रायपुर शहर कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन, रायपुर ग्रामीण अध्यक्ष राजेन्द्र पप्पू बंजारे, मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर, सुरेन्द्र वर्मा, वंदना राजपूत, अमित श्रीवास्तव, वरिष्ठ प्रवक्ता सत्य प्रकाश सिंह तथा प्रवक्ता अजय गंगवानी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी उपस्थित रहे।
प्रदेश कांग्रेस द्वारा बिजली बिल और स्मार्ट मीटर के मुद्दे को लेकर शुरू किया जा रहा यह आंदोलन आने वाले दिनों में प्रदेश की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन सकता है। कांग्रेस इसे जनहित का सवाल बताते हुए सड़क से लेकर घर-घर तक संघर्ष का ऐलान कर चुकी है, जबकि अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि भाजपा सरकार इस बढ़ते राजनीतिक दबाव का जवाब किस तरह देती है।




















