
यह प्रदर्शनी जिले की प्रमुख जल संरचनाओं, सिंचाई परियोजनाओं तथा जल वितरण तंत्र की विस्तृत जानकारी प्रदान करेगी। इसके माध्यम से आम नागरिक, विद्यार्थी, शोधार्थी तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी जिले की विशाल सिंचाई व्यवस्था की कार्यप्रणाली को सहजता से समझ सकेंगे।
प्रदर्शनी में तैयार किए गए आकर्षक और तकनीकी दृष्टि से समृद्ध मॉडल में तांदुला जलाशय, गोंदली जलाशय और खरखरा जलाशय की भौगोलिक अवस्थिति को अत्यंत सूक्ष्मता और सटीकता के साथ प्रदर्शित किया गया है। साथ ही, गंगरेल बांध से नहरों के माध्यम से जल प्रवाह की पूरी प्रक्रिया तथा जिले और आसपास के क्षेत्रों तक फैले सिंचाई नहरों के विस्तृत नेटवर्क को भी स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है।

मॉडल की विशेषता यह है कि इसमें जल वितरण व्यवस्था के प्रत्येक चरण को व्यावहारिक रूप में समझाया गया है। इसमें यह भी प्रदर्शित किया गया है कि किस प्रकार जलाशयों से प्राप्त पानी का उपयोग भिलाई स्टील प्लांट को जलापूर्ति करने, दुर्ग और बेमेतरा जिलों में सिंचाई आवश्यकताओं की पूर्ति करने तथा विभिन्न तालाबों को भरने के लिए किया जाता है। इससे जिले की बहुआयामी जल प्रबंधन प्रणाली की व्यापकता और उपयोगिता का सजीव अनुभव प्राप्त होता है।
आमजन की जानकारी को और समृद्ध बनाने के उद्देश्य से मॉडल में संबंधित जलाशयों के निर्माण वर्ष, जल भराव क्षमता तथा उनकी उपयोगिता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों का भी उल्लेख किया गया है। इससे यह प्रदर्शनी केवल देखने योग्य आकर्षण ही नहीं, बल्कि जल संरक्षण, सिंचाई प्रबंधन और संसाधनों के वैज्ञानिक उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम भी बन गई है।

प्रदर्शनी के शुभारंभ अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर अजय किशोर लकरा, संयुक्त कलेक्टर मधुहर्ष, जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता पीयूष देवांगन सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
जल प्रबंधन की समझ को मिलेगा नया आयाम
तांदुला कॉम्प्लेक्स मॉडल प्रदर्शनी जिले की सिंचाई विरासत और जल संसाधनों के महत्व को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त प्रयास है। यह पहल न केवल प्रशासनिक पारदर्शिता को मजबूत करेगी, बल्कि नागरिकों में जल संरक्षण और जल के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूकता विकसित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। प्रदर्शनी का अवलोकन करने वाले लोगों को जिले की जीवनरेखा मानी जाने वाली सिंचाई परियोजनाओं की कार्यप्रणाली को नजदीक से समझने का अवसर मिलेगा।




















