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प्रभारी मंत्री के दौरे से पहले बालोद जिले में थानेदारों के तबादले की सुगबुगाहट तेज.. इन थानों में हो सकते हैं बदलाव…शिकायतों का अंबार और जनआक्रोश बना वजह

 

 

बालोद। जिले में पुलिस विभाग में जल्द ही फेरबदल की संभावना जताई जा रही है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, देवरी थाना, पिनकापार चौकी, गुण्डरदेही थाना सहित एक और थाना प्रभारी का स्थानांतरण संभावित है। बताया जा रहा है कि यह बदलाव छत्तीसगढ़ शासन के गृह मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री विजय शर्मा के प्रस्तावित 4 अगस्त के दौरे से पहले किया जा सकता है।

इन थाना प्रभारियों के खिलाफ बीते कुछ महीनों में लगातार शिकायतें सामने आई हैं। इनमें आम लोगों के साथ दुर्व्यवहार, राजनीतिक प्रतिनिधियों की बातों को नजरअंदाज करना जैसे आरोप शामिल हैं।

गुण्डरदेही में चक्काजाम बना था विवाद का कारण

कुछ दिन पहले गुण्डरदेही थाना क्षेत्र के तांदुला नदी में डूबने से एक युवक की मौत के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने बालोद-दुर्ग मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया था। मृतक के परिजनों और ग्रामीणों ने युवक की मौत के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहराते हुए थाना प्रभारी और एक अधीनस्थ कर्मचारी के निलंबन की मांग की थी। हालांकि, स्थानीय प्रशासन और नेताओं के आश्वासन के बाद आंदोलन को अल्टीमेटम के साथ स्थगित किया गया था।

देवरी और पिनकापार में भी असंतोष

देवरी थाना और इसके अंतर्गत आने वाली पिनकापार चौकी के प्रभारी पर भी कई गंभीर आरोप लगे हैं। तो वही हाल ही में राजनांदगांव जिले के जनता कांग्रेस के पदाधिकारियों ने देवरी थाना प्रभारी पर एफआईआर दर्ज करने के एवज में रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई है। इससे पहले भी वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान प्रभारी मंत्री को स्थानीय भाजपा नेताओं ने देवरी थाना प्रभारी की कार्यशैली को लेकर शिकायत दी थी।

पुनः उठ सकती हैं शिकायतें, प्रशासन सतर्क
विश्वसनीय सूत्रों  कि माने तो 4 अगस्त को होने वाले प्रभारी मंत्री के दौरे के दौरान फिर एक बार इन थाना प्रभारियों के खिलाफ शिकायतें रखी जा सकती हैं। इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन अब खुद ही कुछ स्थानों पर बदलाव की तैयारी में जुट गया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि मंत्री दौरे से पूर्व कुछ थाना प्रभारियों को अन्यत्र पदस्थ किया जा सकता है।

स्थानीय राजनीतिक दबाव और जनविरोध बड़ी वजह
जिले के राजनीतिक हलकों में भी इन तबादलों को लेकर चर्चा तेज है। कई जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नेताओं ने यह स्पष्ट किया है कि ऐसे थाना प्रभारियों के रहते जनता के साथ समुचित व्यवहार और निष्पक्ष कार्यवाही संभव नहीं हो पा रही है।

बालोद जिले में पुलिस महकमे की यह संभावित सर्जरी शासन की छवि सुधारने और जमीनी स्तर पर सुशासन को सशक्त बनाने की दिशा में एक कदम मानी जा रही है। अब देखना यह होगा कि प्रभारी मंत्री के दौरे से पहले यह बदलाव धरातल पर आते हैं या फिर चर्चाओं तक ही सीमित रह जाते हैं।

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