नई दिल्ली।देश में बाढ़ से होने वाली तबाही को समय रहते रोकने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब बाढ़ की चेतावनी देने का काम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) करेगा। केंद्रीय जल आयोग (CWC) ने बाढ़ की भविष्यवाणी के लिए मशीन लर्निंग आधारित हाईटेक मॉडल तैयार किया है, जो 24 घंटे पहले अलर्ट जारी करने में मदद करेगा।
यह स्मार्ट सिस्टम स्मार्ट वॉटर रिसोर्सेस मॉडलिंग ऑर्गेनाइजेशन (SWRMO) ने विकसित किया है। यह संगठन पिछले साल सितंबर में CWC के तहत बनाया गया था।
सिर्फ एक दिन पहले ही नहीं, CWC ने राज्यों को 7 दिन पहले अलर्ट देने के लिए भी बेसिन-वार बाढ़ पूर्वानुमान मॉडल तैयार किया है। इसके लिए एडवांस रेनफॉल-रनऑफ कैलकुलेशन तकनीक अपनाई गई है।
देशभर में 350 स्थानों पर एक्टिव अलर्ट सिस्टम
फिलहाल 350 स्टेशनों पर बाढ़ की चेतावनी देने वाला नेटवर्क एक्टिव है। इनमें 150 स्टेशनों से जलाशयों में पानी के बहाव की और 200 से बाढ़ के स्तर की जानकारी दी जा रही है। ये सभी पूर्वानुमान संबंधित राज्य सरकारों के साथ मिलकर तैयार किए जाते हैं और CWC की वेबसाइट https://ffs.india-water.gov.in पर अपडेट होते हैं।
राज्यों को ज्यादा समय, खतरे से पहले तैयारी
इस तकनीक से राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन को बाढ़ से पहले लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने, राहत शिविर बनाने और जरूरी तैयारी का पर्याप्त वक्त मिलेगा।
सात दिन पहले की चेतावनी वेबसाइट https://aff.india-water.gov.in पर जारी होती है। वहीं, बाढ़ से जुड़ी अपडेट कॉमन अलर्ट प्रोटोकॉल (CAP) के ज़रिए राज्य आपदा प्रबंधन एजेंसियों तक भी पहुंचाई जा रही है।
सोशल मीडिया और ऐप पर भी अलर्ट
बाढ़ की जानकारी अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक, एक्स (ट्विटर) और ‘फ्लड वॉच इंडिया’ मोबाइल ऐप पर भी लोगों को मिलेगी।
यह जानकारी लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के लिखित जवाब में जल शक्ति राज्य मंत्री श्री राज भूषण चौधरी ने दी।




















