बालोद |छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के डौंडी लोहारा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम कसहीकला में शुक्रवार को एक ऐसी घटना घटी, जिसने ग्रामीणों को हैरानी और डर में डाल दिया। गांव के एक खेत में अचानक जमीन धंस गई और वहां एक 25 फीट से भी गहरा रहस्यमयी गड्ढा बन गया। गड्ढे का आकार लगातार बढ़ रहा है, जिसने इस घटना को और भी रहस्यमय बना दिया है।
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घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और क्षेत्र को प्रतिबंधित जोन घोषित कर घेराबंदी कर दी गई है। लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो के कारण आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग इसे देखने पहुंच रहे हैं।
उपसरपंच ढालेश्वर कुमार ने क्या कहा?
गांव के उपसरपंच ढालेश्वर कुमार ने प्रदेशरुचि से बातचीत में कहा— “यह कोई सामान्य घटना नहीं है। खेत में अचानक इतनी बड़ी जमीन धंस गई और गड्ढे का आकार लगातार बढ़ रहा है जिससे ग्रामीण डरे हुए हैं। हमने पुलिस और प्रशासन को तत्काल सूचना दी और अब क्षेत्र को चारों ओर से सील कर दिया गया है। विशेषज्ञों की टीम से जांच करवाना जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके।”
कैसे हुआ यह हादसा?
यह घटना शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे हिंगलाज देवांगन नामक किसान के खेत में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खेत की मिट्टी अचानक धंसने लगी और देखते ही देखते वहां करीब 15×15 फीट का गड्ढा बन गया। गहराई का अनुमान लगाने बांस डाला गया, लेकिन वह भी तल तक नहीं पहुंच पाया। जमीन के अंदर से गड्ढे का बढ़ते आकार और अंदर पानी की हलचल जिसे देखकर ग्रामीण इसे किसी भूगर्भीय हलचल या प्राकृतिक संकेत मान रहे हैं।
गांवों से उमड़ी भीड़, सोशल मीडिया पर वायरल
घटना के बाद पापरा, बुंदेली, फरदडीह, पिरीद, भेंगारी, लासाटोला जैसे आसपास के गांवों से सैकड़ों लोग मौके पर पहुंच गए हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो और फोटो वायरल होने से स्थिति और भीड़ दोनों काबू से बाहर होती जा रही है।
गांव की सरपंच ममता साहू और उपसरपंच ने मिलकर प्रशासन से मौके पर भूगर्भ विशेषज्ञों की टीम भेजने की मांग की है।
प्रशासन ने की एहतियात की पहल
सुरेगांव पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर पूरे क्षेत्र को लाल रिबन से सील कर दिया है और सुरक्षा के मद्देनजर स्थानीय पंचायत और ग्रामीणों द्वारा लगातार निगरानी की जा रही हैं। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे गड्ढे के पास न जाएं, क्योंकि जमीन अभी भी कमजोर हो सकती है।
क्या ही सकती है इसके पीछे की वजह?
फिलहाल इस घटना को लेकर प्रशासन ने कोई आधिकारिक वैज्ञानिक वजह नहीं बताई है। हालांकि शुरुआती कयास लगाए जा रहे हैं कि यह घटना गर्भीय दबाव या जमीन के नीचे पानी के दबाव के कारण हो सकती है।




















