300 फलदार पौधे लगाए, स्वच्छता अभियान में किया श्रमदान, स्कूल-अस्पताल और बायपास सड़क का किया निरीक्षण
बालोद, जिले की कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा शुक्रवार को एक दिन के दौरे पर डौण्डी ब्लॉक और नगर पालिका दल्लीराजहरा पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने कई जगहों का निरीक्षण किया और आम लोगों से सीधे संवाद कर जमीनी हालात जाने। उनका दौरा विकास, स्वच्छता और जनसेवा के प्रति गंभीरता को दर्शाता रहा।

दौरे की शुरुआत अरमुरकसा गांव से हुई, जहां उन्होंने ग्रामीणों के साथ आम, नींबू और चीकू जैसे 300 फलदार पौधे लगाए। पौधरोपण के बाद कलेक्टर ने ग्रामीणों को इन पौधों की नियमित देखभाल का संदेश भी दिया। यह पहल पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।

इसके बाद वे दल्लीराजहरा नगर के जैन चौक पहुंचीं, जहां ‘स्वच्छ छत्तीसगढ़ – स्वस्थ छत्तीसगढ़’ अभियान के तहत श्रमदान में हिस्सा लिया। कलेक्टर ने नगरपालिका अध्यक्ष तोरण साहू, अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक, एसडीएम सुरेश साहू, वार्ड पार्षदों और स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर सफाई अभियान चलाया। इस सामूहिक भागीदारी से शहर में स्वच्छता के प्रति सकारात्मक संदेश गया।

शिक्षा क्षेत्र का जायजा लेने कलेक्टर बीएसपी स्कूल क्रमांक-1 और गुरुनानक स्कूल भवन पहुंचीं। यहां उन्होंने कक्षाओं और भवन की स्थिति देखी और केन्द्रीय विद्यालय संचालन हेतु जरूरी सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने गोटूलमुण्डा में चिन्हांकित स्थल का भी निरीक्षण किया, जहां केन्द्रीय विद्यालय बनाने की योजना है।
शासकीय अस्पताल कोण्डे पावर हाउस का आकस्मिक दौरा कर कलेक्टर ने मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं देखीं और स्टाफ से व्यवस्थाएं सुधारने को कहा। साथ ही उचित मूल्य की दुकान पहुंचकर राशन वितरण की स्थिति का जायजा लिया और हितग्राहियों से सीधे फीडबैक लिया। लोगों ने बताया कि उन्हें समय पर और पूरा राशन मिल रहा है।

यातायात की समस्या को दूर करने कलेक्टर ने गोटूलमुण्डा से जमही तक प्रस्तावित दल्लीराजहरा बायपास रोड का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण की प्रगति जानी और अफसरों को आवश्यक निर्देश दिए। यह सड़क भारी वाहनों की आवाजाही आसान बनाएगी और शहर की ट्रैफिक को काफी हद तक राहत देगी।
कलेक्टर के इस दौरे को लोगों ने सराहा। हर गतिविधि में उनकी मौजूदगी और संवाद से लोगों में भरोसा जगा कि प्रशासन विकास और जनसेवा के लिए गंभीरता से जुटा है। पौधरोपण से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, राशन व्यवस्था और यातायात तक—हर मोर्चे पर उन्होंने सक्रियता दिखाई।




















