बालोद।ताड़ोकी से भानुप्रतापपुर, दल्लीराजहरा, बालोद होते हुए दुर्ग-रायपुर तक चलने वाली यात्री डेमू ट्रेनों के लिए रेलवे द्वारा समय-सारणी निर्धारित की गई है, लेकिन एकल रेल लाइन होने के कारण ये ट्रेनें नियमित रूप से देरी से चल रही हैं। इस कारण यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है।
रेलमार्ग पर आयरन ओर व अन्य मालवाहक ट्रेनों को प्राथमिकता दी जाती है। दल्ली राजहरा से भिलाई तक इन मालगाड़ियों की लोडिंग-अनलोडिंग होती है और इन्हें पहले रवाना किया जाता है, जबकि यात्री ट्रेनें बाद में चलाई जाती हैं। रेलवे को मालवाहक ट्रेनों से प्रतिमाह करोड़ों रुपए की राजस्व प्राप्ति हो रही है, इसके बावजूद दुर्ग से ताड़ोकी तक दोहरी रेल लाइन व विद्युतीकरण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई है।
रेल जानकारों का मानना है कि जब रावघाट परियोजना पूरी तरह प्रारंभ होगी, तो आयरन ओर की मालवाहक ट्रेनों की संख्या और बढ़ेगी, जिससे यात्री ट्रेनों की आवाजाही और ज्यादा प्रभावित होगी।
संगठनों ने दोहरी रेल लाइन और विद्युतीकरण की रखी मांग
जिला मुख्यालय के व्यापारिक संगठनों, समाजसेवी संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों द्वारा समय-समय पर रेलवे के उच्चाधिकारियों, सांसद, रेलमंत्री, मुख्यमंत्री और प्रभारी मंत्री को ज्ञापन सौंपकर मांग की गई है कि ताड़ोकी से दुर्ग तक दोहरी रेल लाइन बिछाई जाए और पूर्ण विद्युतीकरण किया जाए। इससे यात्री ट्रेनों की समय पर आवाजाही सुनिश्चित होगी और भविष्य में ट्रेन की संख्या भी बढ़ाई जा सकेगी।
रावघाट-जगदलपुर परियोजना से बढ़ेगी ट्रेनों की संख्या
ज्ञात हो कि बस्तर क्षेत्र में विकास को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने जगदलपुर से रावघाट तक नई रेलवे लाइन को स्वीकृति प्रदान की है और इसके लिए 3500 करोड़ रुपए का बजट भी जारी कर दिया गया है। वर्तमान में ताड़ोकी से रावघाट तक मात्र 18 किलोमीटर रेलवे लाइन बिछाने का कार्य जारी है, जबकि रावघाट से जगदलपुर तक 140 किमी रेल मार्ग निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा।
इस परियोजना के पूर्ण होने पर ताड़ोकी, रावघाट, भानुप्रतापपुर, दल्लीराजहरा, बालोद, दुर्ग होते हुए जगदलपुर तक यात्री ट्रेनों की आवाजाही में वृद्धि होगी।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी उठाई मांग
भाजपा कार्यकर्ता मधुकांत यदु एवं जोगेन्द्र योगी ने जानकारी दी कि पऊंवारा (दुर्ग) और भैसबोड़ (दल्लीराजहरा) में एकल रेल लाइन होने के कारण ट्रेनों को पास कराने में बाधा आती है। इसलिए इन स्थानों पर दोहरी लाइन के साथ प्लेटफॉर्म निर्माण की आवश्यकता है। इसके अलावा, दुर्ग से दल्लीराजहरा तक सप्ताह में सोमवार, मंगलवार व बुधवार को चलने वाली यात्री ट्रेन को प्रतिदिन चलाने की मांग भी ज्ञापन के माध्यम से की गई है।




















