प्रदेश रूचि

खुरसुनी जनसमस्या शिविर बना सौगातों का मंच, 929 आवेदनों का मौके पर निपटाराबालोद में महिला आरक्षण पर सियासी संग्राम: बीजेपी-कांग्रेस आमने-सामने, किसका दांव पड़ेगा भारी?…पढ़े पूरी खबर सिर्फ प्रदेशरुचि पर…ब्राह्मण समाज की महिलाओं ने दिखाई एकजुटता, हर माह होगी बैठक, प्रतिभावान बेटियों के सम्मान का संकल्पआईटीआई में पढ़ाई छोड़ छात्रों से मजदूरी, निर्माण कार्य के दौरान छात्र घायल हादसे में दोनों हाथों की पांच उंगलियां कटीं, छात्रों ने वर्षों से श्रम कराने का लगाया आरोपराष्ट्रीय सिविल सेवा दिवस पर बालोद में प्रशासनिक अधिकारियों का सम्मान, जल संरक्षण और पशु-पक्षियों के लिए पानी को लेकर हुई सार्थक चर्चा

Balod:- पानी गंदा, प्रबंधन धंधा, प्रशासन मौन – तांदुला में त्रासदी तैयार?…क्या मामला पढ़े पूरी खबर

तांदुला वेटलैंड में संचालित इको रिसॉर्ट की मनमानी थमी नहीं, अब वाटर पार्क के गंदे पानी से बच्चों की सेहत पर संकट

बालोद। वेटलैंड क्षेत्र में बने तांदुला इको रिसॉर्ट को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। अब इस रिसॉर्ट में संचालित वाटर पार्क में उपयोग किए जा रहे गंदे और अस्वच्छ पानी ने नई बहस को जन्म दे दिया है। रायपुर से अपने परिवार के साथ आये एक व्यापारी ने आरोप लगाया है कि वाटर पार्क का पानी बेहद गंदा है और उसमें कीड़े, बदबू और बैक्टीरिया साफ नजर आ रहे हैं।

व्यापारी ने बताया कि वह अपनी शादी की सालगिरह मनाने बालोद आया था। जब बच्चों को वाटर पार्क ले गया तो वहाँ की स्थिति देखकर स्तब्ध रह गया। उन्होंने रिसॉर्ट प्रबंधन से इस बारे में शिकायत की, लेकिन उन्हें उपेक्षा और अभद्रता का सामना करना पड़ा। इसके बाद व्यापारी ने जिला प्रशासन से औपचारिक शिकायत की है।

प्रशासन की फिर वही पुरानी प्रतिक्रिया – “जांच होगी, कार्रवाई करेंगे”

 प्रशासन की ओर से बताया गया कि मामले की जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए गए हैं और पानी की गुणवत्ता की जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अब तक वाटर पार्क को न तो बंद किया गया है और न ही कोई स्पष्ट चेतावनी जारी की गई है। यह स्थिति स्थानीय लोगों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं के बीच चिंता का विषय बनी हुई है।

पहले भी उठ चुके हैं सवाल, कार्रवाई आज तक नहीं

गौरतलब है कि तांदुला वेटलैंड क्षेत्र में संचालित इस रिसॉर्ट को लेकर पूर्व में भी कई बार सवाल उठ चुके हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वेटलैंड जैसे संवेदनशील पारिस्थितिक क्षेत्र में इस प्रकार का व्यावसायिक निर्माण न केवल अवैध है, बल्कि पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी मानकों का घोर उल्लंघन भी करता है।

इससे पहले भी रिसॉर्ट के अवैध निर्माण, शौचालय और अपशिष्ट निस्तारण व्यवस्था, तथा सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण को लेकर शिकायतें की जा चुकी हैं, मगर प्रशासन की ओर से हर बार सिर्फ “जांच और कार्रवाई” के दावे किए जाते रहे हैं।

सवाल यह है कि जब बच्चों की सेहत पर सीधा खतरा है, तो प्रशासन सिर्फ जांच तक क्यों सीमित है?

क्या जिला प्रशासन किसी बड़ी अनहोनी का इंतज़ार कर रहा है? क्या वेटलैंड क्षेत्र में संचालित ऐसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को संरक्षण प्राप्त है?

प्रदेशरुचि की टीम इस मामले पर आगे भी निगरानी बनाए रखेगी और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाती रहेगी।

बालोद में तांदुला के वेटलैंड जमीन का रिसॉर्ट के  लिए कैसे हुआ लीज …आबंटन की होगी जांच,प्रशासन ने  की जांच टीम गठित ,मंत्री से हुई थी शिकायत..पढ़े पूरी खबर सिर्फ प्रदेशरुचि पर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!