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माओवादियों का किला हुआ ध्वस्त! करेगुट्टालू से हथियारों का सबसे बड़ा जखीरा बरामद

 

 बीजापुर, छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित बीजापुर जिले से एक ऐतिहासिक और निर्णायक सफलता की खबर सामने आई है। केंद्र और राज्य सरकार के संयुक्त निर्देशन में सुरक्षाबलों द्वारा चलाए जा रहे माओवादी विरोधी अभियान में माओवादियों की रीढ़ मानी जाने वाली करेगुट्टालू पहाड़ी को उनके चंगुल से आज़ाद करा लिया गया है। यह इलाका अब तक माओवादियों के सबसे मजबूत गढ़ों में से एक माना जाता था।

21 दिन चला सबसे बड़ा माओवादी विरोधी ऑपरेशन

दिनांक 21 अप्रैल 2025 से 11 मई 2025 तक लगातार 21 दिनों तक चले इस भव्य अभियान में छत्तीसगढ़ पुलिस, सीआरपीएफ, कोबरा, एसटीएफ और डीआरजी के जवानों ने बेहद कठिन परिस्थितियों में माओवादियों पर सबसे बड़ा हमला बोला।
करीब 60 किमी लंबी और 20 किमी तक चौड़ी दुर्गम करेगुट्टालू पहाड़ी को माओवादियों ने बीते ढाई सालों में अपना अजेय किला बना लिया था। यहीं से PLGA बटालियन-01, तेलंगाना स्टेट कमेटी, CRC कंपनी और अन्य उग्रवादी इकाइयों का संचालन हो रहा था।

अभूतपूर्व सफलता: 31 माओवादी ढेर, 16 महिलाएं शामिल

इस ऑपरेशन के दौरान 21 मुठभेड़ों में 31 वर्दीधारी माओवादी मारे गए, जिनमें 16 महिला माओवादी शामिल थीं। सुरक्षाबलों को शुरुआती जांच में पता चला है कि ये सभी CPI (माओवादी) के PLGA बटालियन और तेलंगाना राज्य कमेटी के सदस्य थे।

मारे गए माओवादियों के शवों में से:

3 शव 24 अप्रैल को,

1 शव 5 मई को,

22 शव 7 मई को और

5 शव 8 मई को बरामद किए गए हैं।

भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद

सुरक्षाबलों ने माओवादी ठिकानों से जो जखीरा बरामद किया है, वह उनकी सशस्त्र ताकत का स्पष्ट संकेत देता है:

35 हथियार (राइफल, कारबाइन आदि)

450 IED (विस्फोटक उपकरण)

818 BGL शेल,

899 बंडल कार्डेक्स वायर,

डेटोनेटर, भारी मात्रा में बारूद

4 लेथ मशीनें, जिनका उपयोग देसी हथियार और आईईडी निर्माण में होता था।

216 बंकर, 4 तकनीकी इकाइयाँ तबाह

इस अभियान में माओवादियों के 216 बंकर और ठिकानों को नष्ट किया गया है। इसके अलावा उनके 4 तकनीकी यूनिट्स भी तबाह किए गए, जहां हथियार, IED और अन्य घातक उपकरण बनाए जाते थे।

जवानों की वीरता: 45 डिग्री तापमान में मोर्चा

इस ऑपरेशन के दौरान 18 जवान घायल हुए, लेकिन किसी की स्थिति गंभीर नहीं है। करेगुट्टालू पहाड़ी पर दिन के समय 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान और दुर्गम पहाड़ी इलाके में भी सुरक्षाबलों ने अदम्य साहस और अनुशासन का परिचय दिया।

माओवादी नेटवर्क बिखर रहा है

इस अभूतपूर्व कार्रवाई से माओवादियों के संगठन को बहुत बड़ा झटका लगा है। उनकी मजबूत बटालियनें अब छोटे-छोटे समूहों में विभाजित हो रही हैं।
2025 के सिर्फ चार महीनों में अब तक 174 हार्डकोर माओवादी मारे गए हैं, जो कि राज्य में बदलते हालात और सुरक्षाबलों की बढ़ती पकड़ का प्रमाण है।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियां यह अभियान नारायणपुर के माड़ क्षेत्र और बीजापुर के नेशनल पार्क क्षेत्र तक विस्तारित कर रही हैं। भविष्य में भी विकास और विश्वास के साथ-साथ माओवाद का समूल उन्मूलन करने के लिए ऐसे आक्रामक ऑपरेशन जारी रहेंगे।

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