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ग्रामीणों के चक्काजाम से दिनभर बीएसपी का कार्य हुआ प्रभावित.. प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद टला चक्काजाम

बालोद- बालोद जिले केआदिवासी विकासखंड डौंडी के ग्राम आड़ेझर के ग्रामीणों के द्वारा मंगलवार को महामाया और दुलकी माइंस जाने वाले मुख्य मार्ग पर चक्का जाम किए जाने के कारण बीएसपी प्रबंधन की महामाया और दुलकी माइंस में आयरन ओर का परिवहन दिनभर ठप्प पड़ा रहा।


विरोध प्रदर्शन में सैकड़ो की संख्या में ग्रामीण महिला एवं पुरुषों के द्वारा बीच सड़क पर बैठकर महामाया खदान से राजहरा क्रेशर को जाने वाली ठेकेदारो की हाईवा वाहनों को रोक दिया गया, जिसके कारण दोनो खदानों की कुछ लोड गाड़ियां सड़क पर खड़ी हो गई वहीं बाकी गाड़ियों को बीएसपी मैनेजमेंट ने खदान में ही अन्य कार्य करवाने हेतु रोक लिया।

ग्रामीणों का कहना है कि इस क्षेत्र में बीएसपी की खदानों से जो लौह अयस्क खोदकर निकाला जाता है और इस मार्ग से ले जाया जाता है जिसके लाल पानी से हम किसानों के खेत बर्बाद हो रहे है, हर तरफ लाल रंग की धूल ही धूल नजर आती है, सड़कों का हाल बद से बदतर हो चुका है, सड़कों पर कीचड़ और पानी भरा रहने के कारण आए दिन दो पहिया वाहन चालक हादसों के शिकार हो रहे है, वहीं पैदल चलने वालों पर इनके ठेकेदारों की गाड़ियों के ड्राइवर जनबुझकर छींटे उड़ाकर गाड़ी चलाते है, इन्ही सभी समस्याओं के कारण ग्रामीणों का स्वास्थ्य भी खराब हो रहा है।

 

ग्राम के रोहित माहला ने बताया कि पिछले कई वर्षो से बीएसपी प्रबंधन से खनन प्रभावित क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के लिए कई बार आंदोलन किए गए लेकिन हर बार बीएसपी प्रबंधन के अधिकारी भोले भाले ग्रामीणों को आश्वासन देकर बेवकूफ बनाते आए है। सोमवार को स्थानीय एसडीएम सहित बीएसपी प्रबंधन को गांव की समस्याओं और मांगों के संबंध में अवगत करवाया गया था जिसके तारतम्य में मंगलवार को 5 घंटे चले चक्का जाम के बाद बीएसपी प्रबंधन द्वारा हमारी 4 मांगों पर लिखित आश्वासन देने के बाद चक्का जाम समाप्त किया गया।

उल्लेखनीय है कि बीएसपी प्रबंधन इन दिनों माइंस के ठेकेदारों को फायदा पहुंचाने के लिए नियमो को ताक पर रखकर आयरन ओर का परिवहन करवा रहा है निसमे अधिकारी और ठेकेदारों की सांठगांठ से ओवरलोड वाहनों को तेज रफ्तार से दौड़ाया जा रहा है लेकिन इस आयरन ओर से ग्रामीणों को हो रही दिक्कते और ग्रामीणों की समस्याएं इनको दिखाई ही नहीं देती। जब ग्रामीण सड़कों पर उतर कर आते है तब ये अधिकारी महज आश्वाशन देकर लौट जाते है। जिसके चलते इसबार मांगे पूरी नही होने तक आंदोलन करने का निर्णय लेते हुए ग्रामीणों ने चक्काजाम किया है।

ग्रामीणों की मांगे….

(i) प्राथमिक शाला आडेझर में स्मार्ट क्लास एवं स्मार्ट बोर्ड के सम्बन्ध में।
(2) बी.एस.पी. द्वारा बोईरडीही पाइप लाइन से पेयजल प्रदान करने के सम्बन्ध में।
(3) चरोटा तालाब बांध निर्माण करने के सम्बन्ध में।
(4) ग्राम आडेझर के शिक्षित बेरोजगारों को बी.एस.पी. के अन्तर्गत रोजगार मुहैया करने के सम्बन्ध में।
(5) कार्तिक भुआर्य घर से महामाया मुख्य मार्ग तक सी.सी. रोड निर्माण कार्य के सम्बन्ध मे।
(6) ग्राम चोरहा पडाव से महामाया तक मुख्य मार्ग डामरीकरण के सम्बन्ध मे।

स्थानीय प्रशासन की ओर से तहसीलदार हिंसा राम नायक, थाना प्रभारी डीके कोर्राम एवं स्टाफ, पटवारी ओपी चुरेंद्र एवं बीएसपी प्रबंधन की ओर से अरुण कुमार जीएम महामाया माइंस, एमडी रेड्डी एजीएम पर्सनल, हेड़ऊ सीनियर मैनेजर सिविल, एसआर साहू लेबर ऑफिसर, रतीश मिश्रा लेबर ऑफिसर, डॉक्टर जेएस बघेल सहायक प्रबंधक कार्मिक, कुमार शिवेश माइंस प्रबंधक महामाया धरना स्थल पर उपस्थित थे वहीं ग्राम आड़ेझर से इस प्रदर्शन में प्रमुख रूप से रोहित माहला,बोधार सिंह तारम, अंजोरी राम तारम, शंभू लेडिया, स्वरूप दर्रो, काशी तारम, नरेंद्र पटेल, राममूर्ति, बोधलाल, उषा बाई, दुलौरीन बाई, हसीना बाई, लीना, डामिन बाई, राधिका बाई, चंदर बाई सहित सैकड़ों ग्रामवासी उपस्थित थे।

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