आपको बता दें 930 के ठेकेदार कन्हैया लाल अग्रवाल कंपनी के द्वारा पुरुर चौक से शेरपार तक इस सड़क मार्ग का निर्माण किया जा रहा है लेकिन इस पूरे निर्माण कार्य के दौरान लगातार लापरवाही के मामले सामने आते रहे हैं ऐसा ही मामला देखने को मिला जब बालोद जिला मुख्यालय में वन विभाग के रेंज कार्यालय के पास ही जिम्मेदार विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपस्थिति में रात के अंधेरे में मोबाइल की रोशनी की मदद से इस सड़क मार्ग के किनारे बनने वाली नाली निर्माण के बेस का कार्य किया जा रहा था इस पूरे निर्माण कार्य में मैं तो विभाग के सब इंजीनियर एसडीओ मौजूद थे और ना ही कोई तकनीकी जानकार इस निर्माण कार्य के दौरान मौके पर उपस्थित था मामला संज्ञान में आने के बाद प्रदेशरूचि की टीम जब मौके पर पहुंची और निर्माण में लगे मजदूरों से इस निर्माण के बारे में जानकारी लेने पर उनके द्वारा बताया गया कि निर्माण एजेंसी के सुपरवाइजर द्वारा एक हिस्से के ढलाई कार्य जो दिन में पूरा नही हो पाया था उसे रात तक काम कर के पूरा करने का निर्देश दिये थे।जिसके चलते उनके द्वारा रात के अंधेरे में आनन फानन में इस काम को बिना किसी तकनीकी जानकारो के उपस्थिति में किया गया ।
आपको बतादे को एनएच का काम दिन के अलावा रात को भी किया जाता है लेकिन यह कार्य ज्यादातर उस जगह किया जाता है जहां पर दिन में आवागमन बहुत ज्यादा होता है और कार्य की गति में तेजी लाने सड़क कार्य को किया जाता है लेकिन बालोद जिला मुख्यालय में ऐसा नही है जिस जगह कार्य किया जा रहा था वो जगह व्यस्ततम मार्ग से बहुत दूर था तथा इस निर्माणकार्य के दौरान मजदूरों द्वारा कोई वैकल्पिक व समुचित प्रकाश की व्यवस्था नही की गई थी बल्कि सिर्फ मोबाइल के प्रकाश में आरसीसी नाली के बेस ढलाई का कार्य किया जा रहा था। मामले को लेकर विभाग के सब इंजीनियर व एसडीओ को कॉल कर सम्पर्क करने का प्रयास किया गया लेकिन लगातार अपनी जवाबदेही बचते नजर आरहे विभाग के जिम्मेदारों ने काल तक रिसीव नही किया गया जिसके चलते इस सड़क का काम रात भर गुणवत्ताहीन पूर्वक चलता रहा।
2 thoughts on “लापरवाही:- न समुचित प्रकाश की व्यवस्था न ही कोई तकनीकी जानकार,टार्च की रोशनी एनएच 930 अंतर्गत चल रहा नाली निर्माण कार्य”