नेशनल हाइवे पोल शिप्टिग कार्य मे लगे मजदूरों को न सेफ्टी बेल्ट दिए जाते हैं, न ग्लब्स और न ही अन्य सुरक्षा उपकरण
नेशनल हाइवे 930 के चैड़ीकरण व उन्नयन कार्य मे पोल शिफ्टिंग का कार्य इन दिनों कराया जा रहा है। कार्य कर रहे मजदूरों को न सेफ्टी बेल्ट दिए जाते हैं, न ग्लब्स और न ही अन्य सुरक्षा उपकरण। खुले हाथों से रस्सी के सहारे ट्रांसफॉर्मर पर चढ़े मजदूर तार को बांधते हैं। पोल पर चढ़े मजदूर जमीन से करीब 30 फीट ऊपर सिर्फ एक रस्सी के सहारे रहते हैं। इस बीच यदि ये मजदूर नीचे गिर जाएं, तो क्या होगा, इसका सहज अंदाजा लगा सकते हैं।
ठेकेदार द्वारा मजदूरो से कार्य लेने के दौरान सुरक्षा मानकों की जा रही अनदेखी
बालोद जिले मे नेशनल हाइवे 930 के चैड़ीकरण व उन्नयन कार्य मे पोल शिफ्टिंग कार्य में लगे कर्मचारी मजदूरो के जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।इसे ठेकेदार की लापरवाही कहा जाये कि मजदूरो से कार्य लेने के दौरान सुरक्षा मानकों का जरा भी ख्याल नही रखा जा रहा है। सड़क किनारे बिजली शिफ्टिंग में लगे मजदूर कर्मचारी सुरक्षा के साधन अपनाये बिना हि पोल मे चढ़कर काम कर रहे है।बिना हेलमेट, बिना बेल्ट और अन्य सुरक्षा समानो का उपयोग किये बिना ही कर्मचारी बड़ी बड़ी पोल पर ऊपर चढ़ रहे है।
एसडीओ ने सड़क ठेकेदार पर कार्यवाही करने की बात कही
हालाकि कार्य के दौरान करंट सप्लाई बंद रखा जाता है।लेकिन काफी उचाई पर सुरक्षा समान के बिना हि मजदूर व कर्मचारी काम कर रहे है।जिससे भविष्य में बड़ी दुर्घटना से इंकार नही किया जा सकता।वही मामले में बिजली विभाग के ईई की माने तो टेंडर के अनुसार पोल शिफ्टिंग का काम सड़क ठेकेदार करवा रहा है।सुरक्षा मानकों को ध्यान रख काम करने के लिये पहले ही ठेकेदार को सूचित किया गया है।ये जवाबदारी सड़क ठेकेदार की है।दूसरी ओर राष्ट्रीय राजमार्ग लोक निर्माण विभाग के अनुविभागीय अधिकारी की माने तो सड़क ठेकेदार किसी अन्य ठेकेदार से पोल शिफ्टिंग का काम करवा रहा है।बिना सेफ्टी कार्य किये जाने पर एसडीओ ने सड़क ठेकेदार पर कार्यवाही करने की बात कही है।
*NH930 सड़क निर्माण में बिना रायल्टी पर्ची के हो रहा मुरुम परिवहन, अवैध परिवहन पर प्रशासन मौन*